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निजीकरण के खिलाफ ऊर्जा कर्मियों की हुंकार, एससी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

निजीकरण के खिलाफ ऊर्जा कर्मियों की हुंकार, एससी कार्यालय पर किया प्रदर्शन

रिपोर्ट श्रवण झा

हरिद्वार- ऊर्जा निगम के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों और अधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। गुरुवार को रुड़की स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर ऊर्जा निगम के विभिन्न संगठनों से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों ने एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस आंदोलन को भारतीय किसान यूनियन (रोड) गुट ने भी अपना समर्थन दिया है।ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने धरने को संबोधित करते हुए निजीकरण के दूरगामी परिणामों पर चिंता जताई।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा की बिजली का निजीकरण न केवल कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है,बल्कि इससे आम जनता को भी भारी नुकसान होगा।निजी कंपनियां सिर्फ मुनाफे के लिए काम करती हैं,जिससे बिजली की दरें बेतहाशा बढ़ेंगी और गरीब व मध्यम वर्ग की पहुंच से बिजली दूर हो जाएगी। इस विरोध प्रदर्शन की खास बात यह रही कि भारतीय किसान यूनियन (रोड) के पदाधिकारियों ने भी ऊर्जा निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर धरने में शिरकत की।भाकियू नेताओं ने कहा कि यदि ऊर्जा क्षेत्र निजी हाथों में गया, तो किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी और रियायतों पर भी तलवार लटक जाएगी। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया गया,तो किसान और कर्मचारी मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।बिजली वितरण क्षेत्र को निजी कंपनियों को सौंपने के प्रस्ताव को तुरंत रद्द किया जाए।उपभोक्ता हितरू बिजली दरों को नियंत्रित रखने के लिए सरकारी स्वामित्व बनाए रखने की मांग।कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र कुमार शर्मा एवं संचालन दीपक कुमार शांडिल्य ने किया।


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