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कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और धैर्य से मिलती है सफलता - शमशाद अली

ग्लोकल विश्वविद्यालय के एनएसएस शिविर में करियर मार्गदर्शन के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाया गया

कड़ी मेहनत, निरंतर प्रयास और धैर्य से मिलती है सफलता - शमशाद अली

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-ग्लोकल विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर के चौथे दिन शैक्षणिक उत्कृष्टता और सामाजिक दायित्व का सुंदर समन्वय देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए विविध शैक्षणिक, करियर उन्मुख और सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। शिविर के चतुर्थ दिवस के प्रथम सत्र में ग्लोकल लॉ स्कूल एवं एनएसएस के संयुक्त संयोजन में " कैरियर इन लॉ ऐज़ ऐन इंस्ट्रूमेंट ऑफ नेशन बिल्डिंग इन इंडिया " विषय पर एक ज्ञानवर्धक एक्सपर्ट टॉक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरम्भ में अतिरिक्त प्रतिकुलाधिपति श्री सैयद निजामुद्दीन ने मुख्य अतिथि एवं वक्ताओं का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृतिचिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इस सत्र में विद्यार्थियों के करियर निर्माण और व्यक्तित्व विकास पर विशेष चर्चा की गई। इस एक्सपर्ट टॉक के वक्ता एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद वाजिद ख़ान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में वही विद्यार्थी सफल होता है जो अपनी रुचि और क्षमता को पहचानकर स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ता है। निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच सफलता की मजबूत नींव है। इसके पश्चात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, हरिद्वार ज़िला एवं सत्र न्यायालय के एडिशनल सिविल जज प्रथम श्री शमशाद अली ने अपने व्याख्यान में कहा कि कानून केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज में न्याय, समानता और अधिकारों की रक्षा का सशक्त माध्यम है। इस क्षेत्र में सफलता के लिए कठोर परिश्रम, अनुशासन और अटूट धैर्य अनिवार्य है। उन्होंने अपने संबोधन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39(ए) के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह समाज के कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करता है। व्याख्यान के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का सरल, व्यावहारिक और प्रेरक उत्तर देकर उन्होंने छात्रों को विशेष रूप से उत्साहित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त प्रतिकुलाधिपति श्री सैयद निजामुद्दीन ने ग्लोकल विश्वविद्यालय के द्वारा एक रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी की प्रस्तावित स्थापना की पहल के बारे बताते हुए कहा कि इस सराहनीय कदम से विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी करने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं सरकारी नौकरी पाने का अपना सपना साकार कर सकेंगे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शोभा त्रिपाठी के द्वारा किया गया। इस अवसर पर ग्लोकल लॉ स्कूल की डीन प्रोफेसर आतीका बानो, ग्लोकल वोकेशनल स्कूल की डीन डॉ. रेशमा ताहिर, एनएसएस के कार्यवाहक कार्यक्रम अधिकारी बिलाल अहमद, डॉ. वैशाली, मोहम्मद शाहिद, डॉ. उमर जहां, शहनाज़ सहित अनेक शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।शिविर के द्वितीय सत्र में एनएसएस के स्वयंसेवक हबीबपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने घर-घर जाकर नशा उन्मूलन, स्वच्छता एवं शिक्षा के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया। साथ ही गांव की प्राथमिक पाठशाला का भ्रमण कर बच्चों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराया तथा उन्हें लक्ष्य निर्धारण कर मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

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