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राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विकसित होगी देश सेवा की भावना बना- प्रोफेसर ओम कुमार हर्ष

ग्लोकल विश्वविद्यालय के एनएसएस का सात दिवसीय शिविर का हुआ समापन 

राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से विकसित होगी देश सेवा की भावना बना- प्रोफेसर ओम कुमार हर्ष

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-ग्लोकल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का आज अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ समापन हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर ओम कुमार हर्ष पूर्व कुलपति, ग्लोकल विश्वविद्यालय ने की तथा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो रामकुमार, कार्यक्रम समन्वयक राष्ट्रीय सेवा योजना, मां शाकंभरी विश्वविद्यालय रहे। अन्य अतिथियों में ग्राम प्रधान संदीप कुमार, राव अब्दुल कादिर, चौधरी तालिब, तथा समाज सेवी मुस्तफा सिद्दीकी रहे। सम्मानित अतिथियों का स्वागत डॉक्टर शोभा त्रिपाठी ने किया।

प्रो. शिवानी तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ग्लोकल विश्वविद्यालय अध्ययन के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए तत्पर है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से ग्लोकल विश्वविद्यालय ने स्वच्छता , स्वास्थ्य , पर्यावरण, शिक्षा, यातायात नियम, मतदान,जागरूकता, ग्राम सेवा तथा सामाजिक चेतना से जुड़े अनेक जागरूकता कार्यक्रम किए हैं। इससे छात्रों में सेवा-भाव, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास हुआ है। अनेक अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के सलाहकार और पूर्व कुलपति तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो ओम कुमार हर्ष ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से छात्र स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक सेवा की भावना को आत्मसात करते हैं। यह मंच उन्हें अपने आसपास की समस्याओं को समझने, समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाने और मानवीय मूल्यों को व्यवहार में उतारने का अवसर प्रदान करता है। गाँव, मोहल्ले और समुदाय से शुरू हुई सेवा भावना जब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संदर्भों से जुड़ती है, तो छात्र “लोकल से ग्लोबल” सोच के साथ कार्य करना सीखते हैं। इस प्रक्रिया में वे न केवल समाज के सर्वांगीण विकास में योगदान देते हैं, बल्कि स्वयं को जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार वैश्विक नागरिक के रूप में भी विकसित करते हैं, ग्लोकल विश्वविद्यालय का भी विजन यही है। मुख्य अतिथि प्रोफेसर रामकुमार ने बताया कि विभिन्न सामाजिक गतिविधियों में सहभागिता से राष्ट्रीय सेवा योजना के छात्र समाज की वास्तविक समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान की दिशा में कार्य करना सीखते हैं। एनएसएस छात्रों को जागरूक, संवेदनशील और राष्ट्रनिर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने वाला नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। अतिरिक्त कुलाधिपति महोदय श्री सैयद निजामुद्दीन जी ने कहा कि  राष्ट्रीय सेवा योजना केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन को समाज से जोड़ने की एक जीवंत प्रयोगशाला है। इसके माध्यम से छात्र पुस्तकीय ज्ञान से बाहर निकलकर अनुभव के स्तर पर सीखते हैं, जहाँ सहयोग, सहानुभूति और सामूहिक प्रयास का वास्तविक अर्थ समझ में आता है। एनएसएस युवाओं को संवेदनशील दृष्टि, सकारात्मक सोच और परिवर्तन का वाहक बनने की प्रेरणा देती है, जिससे वे अपने आचरण और कार्यों द्वारा समाज में सार्थक बदलाव ला सकें।इस अवसर पर सभी ग्राम प्रधानों को सम्मान चिह्न दिया गया तथा शिविर में सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया इस क्रम में स्वर्ण समाजसेवी का पुरस्कार शमसुद्दीन और सलमा को, रजत समाजसेवी का पुरस्कार कोमल कुमारी और मुदस्सिर पटेल को, सर्वश्रेष्ठ समर्पित सेवा रत्न पुरस्कार अनस और अभिषेक को, सर्वश्रेष्ठ तकनीकी सपोर्टर का पुरस्कार मोहम्मद परवेज आलम को, सर्वश्रेष्ठ प्रचारक का पुरस्कार अहकम अली को, मीडिया टीम का पुरस्कार अनस गौर, मुस्तहाब को, सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ता का पुरस्कार सायन शाहिदी अफजल और असजद को, सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्त्री का पुरस्कार विनीता और इल्मा को, तथा सर्वश्रेष्ठ संस्कृत कार्यकारी का पुरस्कार इल्मा इदरीसी को दिया गया। इस अवसर पर पधारे ब्रह्माकुमारी प्रतिनिधि ने नशा उन्मूलन पर अपने विचार अभिव्यक्त किये। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत इलमा इदरीसी, विनीता सलोनी धीमान खुशी और प्रकाश कुशवाहा ने अपनी प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुदस्सिर पटेल ने किया। अंत में श्री बिलाल अहमद ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर सभी विभाग के डीन, शिक्षकगण, और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

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