जल जीवन मिशन के तहत पानी की गुणवत्ता पर सदन में गूंजा सहारनपुर का मुद्दा
देहात विधायक आशु मलिक ने सरकार से मांगा जवाब, कहा जनता के स्वास्थ्य से समझौता स्वीकार नहीं
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर- उत्तर प्रदेश विधानसभा के चालू सत्र में सहारनपुर देहात से विधायक आशु मलिक ने जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत सहारनपुर मंडल में प्रदूषित जल की आपूर्ति का गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से दिया गया जवाब संतोषजनक कम और चिंताजनक अधिक है।
कार्यालय प्रभारी फैसल सलमानी ने बताया कि विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान विधायक आशु मलिक ने जल जीवन मिशन के तहत जनता को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता पर सरकार से तीखे सवाल पूछे। सरकार ने अपने जवाब में आई.एस. 10500:2012 मानक, प्रयोगशालाओं की जांच व्यवस्था तथा पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग का हवाला दिया, लेकिन विधायक ने इसे अपर्याप्त बताया।उन्होंने सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी कि पूरे प्रदेश में अब तक कितने पानी के नमूने लिए गए, उनमें से कितने नमूने असंतोषजनक या पीने योग्य नहीं पाए गए तथा ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई की गई। इसके साथ ही उन्होंने विशेष रूप से सहारनपुर में जलजनित बीमारियों के मामलों का उल्लेख करते हुए पूछा कि क्या हर जलापूर्ति वास्तव में सुरक्षित हैविधायक ने कहा कि अधूरी पानी की टंकियां, अनियमित जलापूर्ति और पुराने जल स्रोतों के कारण जनता को शुद्ध पेयजल मिलने पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि केवल प्रगति के दावे पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जनता को वास्तविक रूप से सुरक्षित और स्वच्छ पानी मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।सदन में इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सहारनपुर की स्थिति पर अलग से संज्ञान लेने तथा विस्तृत जांच के साथ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया गया। विधायक आशु मलिक ने कहा कि यह केवल आंकड़ों का विषय नहीं, बल्कि हर घर की सेहत, हर बच्चे के भविष्य और जनता के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
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