Ticker

6/recent/ticker-posts

चारधाम यात्रा 2026ः आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज, 10 अप्रैल को होगा मॉक ड्रिल,

 चारधाम यात्रा 2026ः आपदा प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज, 10 अप्रैल को होगा मॉक ड्रिल,

यात्रा को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए 26 नोडल अधिकारी तैनात

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-चारधाम यात्रा-2026 के दौरान संभावित आपदाओं एवं आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए)तथा उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(यूएसडीएमए)के तत्वावधान में बुधवार को टेबल टॉप एक्सरसाइज आयोजित की गई।जिसका वर्चुअल माध्यम से जिला आपदा कंट्रोल रूम सभागार हरिद्वार में संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में यात्रा मार्गों पर संभावित आपदाओं से निपटने की रणनीति,विभिन्न विभागों के बीच समन्वय तथा 10अप्रैल को प्रस्तावित व्यापक मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चारधाम यात्रा के सुगम,सुरक्षित एवं व्यवस्थित संचालन के लिए संसाधनों एवं जोखिमों का सटीक आकलन अत्यंत आवश्यक है।एनडीएमए एवं यूएसडीएमए के विशेषज्ञों ने कहा कि यात्रा मार्गों के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करते हुए उपलब्ध संसाधनों की जीआईएस मैपिंग की जानी चाहिए,ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।इस दौरान इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम के अंतर्गत इंसीडेंट कमांडर,सेक्टर मजिस्ट्रेट,नोडल अधिकारियों सहित विभिन्न शाखाओं के क्रियान्वयन,नियोजन एवं संसाधन व जिम्मेदारियों पर विस्तार से जानकारी दी गई।टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान सभी सेक्टर कमांडरों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्टेकहोल्डर्स की सूची तैयार करने,उपलब्ध संसाधनों के आधार पर कंटीजेंसी प्लान बनाने तथा आपात स्थिति के लिए पूर्ण इंसीडेंट एक्शन प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए गए।ड्रोन सर्वेक्षण एवं हेली सेवाओं के लिए पूर्व अनुमति एवं समन्वय सुनिश्चित करने को कहा गया।सड़कों की सुचारु व्यवस्था के लिए एनएचएआई,राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग तथा बीआरओ को संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त मशीनरी एवं मानव संसाधन तैनात करने के निर्देश दिए गए।आर्मी,आईटीबीपी,एसएसबी,आईएएफ,एनडीआरएफ,एसडी आरएफ,पुलिस,होमगार्ड,पीआरडी एवं जनपद स्तर पर गठित क्यूआरटी को अपने संसाधनों सहित सक्रिय रहने को कहा गया है।अधिकारियों ने बताया कि चारों धाम उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित होने के कारण यहां जोखिम अधिक रहता है।विशेषकर मानसून के दौरान अतिवृष्टि, बादल फटना,भूस्खलन एवं प्रतिकूल मौसम जैसी घटनाएं जान-माल के लिए खतरा उत्पन्न कर सकती हैं।ऐसे में सेक्टर से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय अनिवार्य है।उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में त्वरित राहत,बचाव एवं चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराते हुए जनहानि को शून्य करना प्राथमिक लक्ष्य है।साथ ही प्रभावित लोगों के लिए भोजन,संचार एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर पैनिक की स्थिति से बाहर निकालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इस क्रम में 10अप्रैल को चारधाम यात्रा की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी,जिसमें सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में 26नोडल अधिकारी तैनात किए गए है,जिन्हें अलग अलग दायित्वों दिए गए है।यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों के पंजीकरण हेतु ऋषिकुल मैदान में ऑफलाइन पंजीकरण केंद्र बनाया गया है,जिसमें पंजीकरण के लिए 20काउंटर बनाए जा रहे है।परिवहन,पार्किंग,पेयजल उपलब्धता,शौचालय एवं स्वच्छता ,होटल व्यवस्था,खाद्य सामग्री के मूल्य निर्धारण,निर्बाध विद्युत आपूर्ति,आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं,सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन,शिकायत निस्तारण एवं जन प्रतिक्रिया तंत्र सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुदृढ़ की गई हैं।सुधार संबंधी सुझावों एवं अन्य आपात स्थितियों के प्रभावी प्रबंधन के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।टेबल टॉप एक्सरसाइज के दौरान एसपी ट्रैफिक निशा यादव,एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह,जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी मीरा रावत,जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश,जिला अर्थ संख्या आधिकारी नलिनी ध्यानी,लिफ्टनेंट कर्नल अलौकिक ,डीसी आनंद सिंह,एसी अभिषेक सिंह,डीओ पीआरडी मुकेश भट्ट,सहित सड़क,विद्युत,पेयजल ,खाद्यान्न,परिवहन,पुलिस,एनडीआरएफ,एसडीआरएफसमेत विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

शिविर में मॉडल के माध्यम से हज यात्रियों को दिया जाएगा हज प्रशिक्षण