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शब्द संतो का हथियार, नुकसान का कारण है अधूरा ज्ञान व दिखावा-आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी

शब्द संतो का हथियार, नुकसान का कारण है अधूरा ज्ञान व दिखावा-आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी

रिपोर्ट एसडी गौतम

यमुनानगर- सतगुरु समनदास ध्यान योग आश्रम फर्कपुर में 26 वे स्थापना दिवस पर सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज की पावन सरपरस्ती में बेगमपुरा शोध संस्थान चैरिटेबल ट्रस्ट के सौजन्य से महान संत समागम धूमधाम से आयोजित किया गया। संत समागम का शुभारंभ संत शिरोमणी सतगुरू रविदास जी महाराज सतगुरु स्वामी समनदास जी महाराज के श्रीचरणों में गुरुपूजा अर्पितकर आरती वंदना से किया गया।

संत समागम में उमड़ी अनुयायियों की भारी भीड़ को निहाल करते हुए गुरु गद्दी ऊन के महंत व आश्रम फर्कपुर के व्यवस्थापक आचार्य संत कंवरपाल ब्रह्मचारी जी महाराज फरमाया कि अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन के संस्थापक संचालक व पूर्णकालिक अध्यक्ष सतगुरू स्वामी समनदास जी महाराज ने स्वामी ज्ञान भिक्षुक दास जी महाराज के दीक्षा प्राप्तकर समाज का उत्थान करते हुए करोड़ों मानव जीवों को गंदे खानपीन से हटाकर सतगुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा को फैलाते हुए सतमार्ग दर्शाकर मानव कल्याण किया है जिनके आशीर्वाद से आज समाज में बड़ा परिवर्तन आया है क्योंकि संतो के पास शब्दरूपी हथियार होता है जिसको चोट तीर तलवार से भी गहरी होती है।
आचार्यश्री ने फरमाया कि अधूरा ज्ञान या दिखावा करना जीवन में परेशानी का कारण हो जाता है इसलिए किरदार हमेशा खुशबूदार होना चाहिए क्योंकि जो जैसा होता है वैसा ही सोचता हौंसले जीवन में जुबान को हमेशा काबू में रखना चाहिए  क्योंकि मौन के अंदर के वो ताकत है जिससे समस्या से शांत हो जाती है इसलिए जीवन में अध्ययन जरूरी है जिससे अंतरचक्षु खुले होते है। उन्होंने कहा कि झूठे ज्ञान व अभिमान से सत्य को झुठलाया नहीं जा सकता है इसलिए बदले की भावना से किया गया कार्य नुकसान देता है इसलिए प्रेम सेवा अंतरात्मा से होनी चाहिए। उन्होंने सभी से अंधविश्वास छोड़कर शिक्षित होने की बात कहीं। उन्होंने आगामी 28 जून को गुरु गद्दी ऊन में आयोजित महान समागम को सफल बनाने की बात भी कही। कार्यक्रम में संत वीरसिंह हितकारी, महात्मा जगतदास लिसाढ, संत श्रद्धादास हथनीकुंड, महात्मा नेपाल दास, जिला परिषद उपाध्यक्ष अग्नि विजय, रामे प्रधान, शिवराम पार्षद, उज्ज्वल सिंह, डॉ. अनिल अग्रवाल आदि ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में पत्रकार एसडी गौतम को सम्मानित भी किया गया। संचालन रोहताश ने किया। इस दौरान अनेको संत महात्मा समेत नितराम, डॉ. निर्मल सिंह, बलबीर सिंह, रविंद्र कुमार, रमेश, मेवाराम, मेहर दास, रामपाल सिंह गौतम, अर्जुन सूर्यवंशी, कपिल क्रांतिकारी, नीटू रविदासिया, अनुज रविदासिया, अरविंद डाबरा व अमरीश कुमार समेत हजारों अनुयायी उपस्थित रहे।

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