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सफाई कर्मियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा-विनोद घावरी

 सफाई कर्मियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा-विनोद घावरी

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-नगर निगम द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था निजी कंपनी को सौंपे जाने के विरोध में मंगलवार को उत्तर प्रदेशीय सफाई मजदूर संघ, अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस और उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ के नेतृत्व में स्थान आली की चुंगी पर क्षेत्र पुरानी मंडी के आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सफाई कर्मचारियों ने सांकेतिक आंदोलन की शुरुआत करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। 

वाल्मिकी समाज के जिला अध्यक्ष विनोद घावरी  संघ नेताओं ब्रजमोहन चनालिया, रघुवीर चंदेल, मनमोहन सूद, अम्बर चंदेल, चेतन चणियाणे, अविनाश बिरला और विनोद घावरी ने कहा कि निजी कंपनियां अपने स्वार्थ के चलते सफाई कर्मचारियों का आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण करती हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दी गई थी, जो सफल नहीं हो सकी थी। वर्तमान में नगर निगम शहरी आजीविका केंद्र के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से सफाई कार्य करा रहा है, जिससे व्यवस्था संतोषजनक चल रही है और कर्मचारियों का शोषण भी नहीं हो रहा। नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन करीब 75 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च कर निजी कंपनी को सफाई का ठेका देने जा रहा है, जबकि वाहन और अन्य संसाधन नगर निगम के ही रहेंगे। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 6 मई 2026 को सभी संगठनों की ओर से मांग पत्र भी दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सफाई कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि वाल्मीकि समाज और सफाई कर्मियों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठनों ने उग्र आंदोलन शुरू करने की घोषणा करते हुए इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन पर डाली।

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