विश्व पर्यावरण दिवस पर चरण पादुका पर किया पौधा रोपण
बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिये पौधों रोपण जरूरी: श्रीमहंत रविन्द्रपुरी
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मंसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा. रविन्द्रपुरी ने विश्व पर्यावरण दिवस पर जल,जंगल व जमीन बचाने की अपील की है। निरंजनी अखाड़े के चरण पादुका के मंदिर प्रांगण मेें संत महापुरुषों एवं प्रशासन ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर श्रीमहंत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि जल,जंगल व जमीन को बचाने की आवश्यकता है।बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिये पौधों का रोपण जरूरी है।मनुष्य की सास पौधों पर निर्भर है।उन्होंने कहा कि धरती पर पौधे होगे तो मनुष्य जीवन सुरक्षित रहेगा।श्रीमंहत रविन्द्रपुरी महाराज ने कहा कि कुंभ मेला आयोजन के दौरान लगाये गये पौधों की सुरक्षा होनी चाहिए।अगले कुंभ में वह पौधे वृक्ष के रूप मंे दिखने चाहिए।उन्होंने लोगों से अपील की है कि अधिक से अधिक पौधे लगाकर जीवन को सुरक्षित करें।उन्होंने कहा कि पौधा रोपण अभियान वृह्द स्तर पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाजिक संस्थाएं स्कूल,कॉलेजों द्वारा पौधा रोपण अभियान के लिय युवा पीढि को प्रेरित करना चाहिए।जिससे पेड़ों के प्रति लोगों का प्रेम बढे और धरती पर अधिक से अधिक पौधे लगाये जा सके।उन्होंने अपील करते हुए कहा कि संकल्प लेकर पौधा रोपण अभियान चलाये,पौधों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाये।संत समाज समय-समय पर पौधा रोपण अभियान चलाकर अपने सामाजिक अभियान चलाकर दायित्व को निभा रहा है। अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती एवं अपर मेलाधिकारी सरदार मनजीत सिंह ,तहसीलदार सचिन कुमार नेे भी पौधा रोपण अभियान में हिस्सा लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर सभी 13अखाड़ों में पौधा रोपण किया गया है।संतों ने बढ चढकर अपनी हिस्सेदारी निभाई है।मेलाधिकारी सोनिका ंिसह हरिद्वार को हरा-भरा बनाने की मुहिम चला रही है।उन्हांेंनें कहा कि धर्मनगरी को हरा-भरा बनाने के लिए एक जुटता दिखानी होगी,पौधों की सुरक्षा स्वयं करनी होगी।अधिक से अधिक पौधे लगाये जाये जिससे बढते प्रदूषण को कम किया जा सके।प्रशासन द्वारा पौधारोपण के लिय लगातार जन जागरूता फैलाई जा रही है।इस दौरान श्रीमहंत रामरतन गिरी,महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी,महामंडलेश्वर साध्वी भगवती पुरी,महंत राज गिरी,विकास शर्मा आदि मौजूद रहे।
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