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बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं, बोझ नहीं

 बुजुर्ग हमारी अमूल्य धरोहर हैं, बोझ नहीं 

संस्कार दीप परिवार द्वारा बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस पर सम्मान समारोह आयोजित

रिपोर्ट - रवि बख्शी

सहारनपुर-बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर सुभाष नगर स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में संस्कार दीप परिवार द्वारा "बुजुर्ग हमारी धरोहर हैं, बोझ नहीं" विषय पर संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बुजुर्गों के सम्मान, सेवा और संरक्षण को भारतीय संस्कृति की आधारशिला बताते हुए समाज से उनके प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नन्हे बालक वेदात्मन अरोड़ा द्वारा माता-पिता के सम्मान पर प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत करने से हुआ। आकृति पंवार, राम सबलोक, सूर्यांश, नमस्वी अरोड़ा, हर्षिता चुग, रक्षिता एवं प्रभुनूर सिंह द्वारा बुजुर्ग सम्मान विषय पर बनाए गए आकर्षक स्लोगनों की सभी ने सराहना की। प्रतिभागी बच्चों को सरस्वती सम्मान पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।मुख्य वक्ता महामंडलेश्वर पंडित अनिल कोदंड जी महाराज ने कहा कि भगवान विट्ठल आज भी पुंडलिक द्वारा माता-पिता की सेवा भावना से प्रसन्न होकर उसकी फेंकी हुई ईंट पर खड़े हैं। कथावाचक पंडित ओंकार विद्यासागर चूड़ामणि ने कहा कि माता-पिता साक्षात भगवान का स्वरूप हैं और उनकी सेवा से ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है। उन्होंने बच्चों को श्रेष्ठ संस्कार देने पर विशेष बल दिया।
शक्ति महिला मंडल की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी चावला ने कहा कि बुजुर्गों के आशीर्वाद से ही जीवन में सफलता प्राप्त होती है तथा सभी को अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आर.एस. त्यागी ने कहा कि वर्तमान समय में संयुक्त परिवार की परंपरा कमजोर पड़ती जा रही है, जिसके कारण बच्चे दादा-दादी के स्नेह और संस्कारों से वंचित हो रहे हैं।कार्यक्रम संयोजक रवि बख्शी ने कहा कि यदि व्यक्ति बुजुर्गों का सम्मान नहीं करता तो उसकी पूजा-पाठ और दान-पुण्य भी अधूरे हैं। पार्षद राजेंद्र सिंह कोहली ने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद सबसे बड़ा वरदान होता है, जिसे स्वयं ईश्वर भी नहीं टाल सकते। समाजसेवी चरणजीत गुलाटी ने भारतीय संस्कृति में बड़ों के सम्मान की परंपरा को बनाए रखने पर जोर दिया। मुकेश सेठ ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी को सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं और संयुक्त परिवार व्यवस्था के महत्व को पुनः स्थापित करते हैं।
इस अवसर पर बुजुर्ग महिलाओं पुष्पा सेठ, संतोष चानना, विद्या अरोड़ा, प्रवीण दुग्गल, भूपिंदर कौर सेठी सहित त्रिलोक नाथ पुरी, पंडित आत्मा राम, विनोद खुराना, डॉ. आर.एस. त्यागी, श्याम सुंदर मैनी, अजय मानकतला, राणा सिंधु, सरदार कुलवंत सिंह भाटिया , कंवर दलीप सिंधु,एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को "संस्कार विभूषण सम्मान" से सम्मानित किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने में पूनम दत्ता, कविता राणा, ज्योति सुखीजा, रीमा सेठ,प्रीति बख्शी, ममता मदान, प्रियंका सबलोक, मधु चानना एवं पूजा रावल, हरीश अरोड़ा,  रविकांत सेठ,गौरव पुरी का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा सिंधु ने तथा संचालन रवि बख्शी ने किया।


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