श्रवण सेवा शोध संस्थान ने किया मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित
संस्कारयुक्त शिक्षा ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार-स्वामी ज्ञानानंद
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- श्रवण सेवा शोध संस्थान एवं अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सेवा समूह के संयुक्त तत्वावधान में श्रीकृष्ण कृपा धाम भीमगोडा में सम्मान समारोह का आयोजन कर मेधावी छात्र छात्राओं को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि बच्चों को केवल शिक्षा ही नहीं,बल्कि अच्छे संस्कार भी दिए जाने चाहिए।उन्होंने कहा कि संस्कारयुक्त शिक्षा ही विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का आधार बनती है और उन्हें समाज तथा राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने योग्य बनाती है।कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता शिल्पी गिरि ने किया।संस्थान की ओर से प्रगति गुप्ता,लक्ष्मी शर्मा,आदित्य गिरि, पल्लवी गिरि,सिद्धार्थ,हर्ष,अभिनव,कनिका,तान्या,पारस,अमन,कशिश एवं प्रियांशु सहित कई मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।इस अवसर पर श्रवण सेवा शोध संस्थान के संस्थापक डा.अशोक गिरि,प्रमोद गिरि,सोमदत्त गिरि,राजकुमार विज,शत्रुघ्न गिरि,हरिशंकर गिरि,सुशील शर्मा,पवन कुमार, श्रीधर गिरि,डा.विवेक कोली,अजय मलिक,शैलेश शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
0 टिप्पणियाँ