आपातकाल केवल राजनीतिक घटना नहीं,यह हर भारतीय की आत्मा पर हमला था
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-भाजपा कार्यालय जगजीतपुर में 25जून आपातकाल को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने की तथा संचालन जिला महामंत्री संजीव चौधरी ने किया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि रहे।जिला अध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने कहा कि 25जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला दिन है।इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा चुनाव में धांधली का दोषी पाए जाने और अयोग्य घोषित किए जाने के बाद,तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए रातों-रात देश पर आपातकाल थोप दिया।यह संविधान की हत्या थी। प्रेस की आजादी छीन ली गई,विपक्ष के लाखों नेताओं को मीसा-डीआईआर में बंद कर दिया गया।यहां तक कि किशोर कुमार के गाने भी रेडियो पर बैन कर दिए गए थे।कांग्रेस ने सत्ता के अहंकार में बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान को रौंद डाला।आज की पीढ़ी को बताना जरूरी है कि कांग्रेस का असली चरित्र तानाशाही का है।मुख्य वक्ता दर्जाधारी राज्यमंत्री ओमप्रकाश जमदग्नि ने कहा कि,आपातकाल के 21महीने भारत के लिए किसी काले अध्याय से कम नहीं थे।नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए।जयप्रकाश नारायण,अटल बिहारी वाजपेयी,लालकृष्ण आडवाणी,मुलायम सिंह यादव जैसे हजारों नेताओं को जेलों में ठूंस दिया गया।जबरन नसबंदी अभियान चलाकर गरीबों पर अत्याचार किए गए।पूर्व जिला अध्यक्ष संदीप गोयल ने कहा कि आपातकाल में जनसंघ और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों को विशेष रूप से निशाना बनाया गया।उनके घरों पर ताले लगा दिए गए,परिवारों को प्रताड़ित किया गया।प्रेस पर ऐसी सेंसरशिप थी कि अखबारों में खाली जगह छापनी पड़ती थी।यह कांग्रेस की तानाशाही मानसिकता का जीवंत प्रमाण है।लोकतंत्र को बचाने के लिए लाखों कार्यकर्ताओं ने भूमिगत रहकर संघर्ष किया,तब जाकर 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी और लोकतंत्र बहाल हुआ।गंगासभा अध्यक्ष एवं दर्जाधारी राज्यमंत्री नितिन गौतम ने कहा कि आपातकाल केवल राजनीतिक घटना नहीं थी,यह हर भारतीय की आत्मा पर हमला था। सोचिए,रात को सोते थे और सुबह पता चलता था कि देश में लोकतंत्र खत्म हो गया है।बिना वारंट के गिरफ्तारी,बिना अपील के सजा,यह सब कांग्रेस के शासन में हुआ।हम सभी का दायित्व है कि इन बातों को अपने युवाओं और समाज के लोगों को बताएं। जिला सह प्रभारी दीपक धमीजा ने बताया कि12जून 1975को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जगमोहन लाल सिन्हा ने इंदिरा गांधी का चुनाव रद्द कर उन्हें 6साल के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें स्टे नहीं मिला।अपनी सत्ता बचाने के लिए 25जून की आधी रात को इंदिरा गांधी ने राष्ट्रपति फखरुद्दीन अली अहमद से आपातकाल के कागज पर दस्तखत करा लिए।अगले दिन देश ने देखा कि सभी मौलिक अधिकार खत्म,प्रेस पर ताला,और विपक्ष जेल में।संविधान में 42वां संशोधन करके उसे पूरी तरह बदलने की कोशिश की गई। भाजपा हर साल 25जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाकर कांग्रेस के काले कारनामों को उजागर करती है।इस दौरान अभिनंदन गुप्ता का अतिथियों द्वारा पटका पहनाकर स्वागत किया गया।कार्यक्रम में कार्यक्रम सह संयोजक रिशु चौहान,पारुल चौहान,जिला उपाध्यक्ष लव शर्मा,तरुण नय्यर,निपेंद्र चौधरी,प्रीति गुप्ता,अरविंद कुशवाहा,धर्मेंद्र सिंह चौहान,मनोज,संदीप मेहता,बिन्दर पाल,प्रेम शंकर,राजवीर सिंह,विपिन शर्मा, उमेश पाठक,नकली राम सैनी,लक्ष्मण सिंह नागर,कमल प्रधान,तेलुराम प्रधान,अभिनव चौहान,भोला शर्मा,भूप सिंह,अम्बरीष सैनी,मनन,रेनू शर्मा,रीता सैनी,वीरेंद्र बोरी,देवकीनंदन पुरोहित,प्रशांत शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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