राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को पेंशनर्स के धन पर पलने वाला सफेद हाथी बताया
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-यूनियन भवन में संपन्न गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की बैठक में राज्य स्तरीय समस्याओं पर चर्चा की गई।वक्ताओं ने राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना अर्थात गोल्डन कार्ड चिकित्सा योजना में व्याप्त विसंगति को पेंशनर्स की सबसे बड़ी और गंभीर समस्या बताया है।गोल्डन कार्ड योजना की देखभाल को जबरन थोपे गए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को पेंशनर्स के धन पर पलने वाला सफेद हाथी बताया गया।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जीपीडब्लूओ के जिलाध्यक्ष बी.पी.चौहान और संचालक जे.पी.चाहर ने गोल्डन कार्ड योजना से सामूहिक ऑप्ट आउट करने की चेतावनी देते हुए सरकार को अपना दायित्व ईमानदारी से निभाने की अपील की है।चौहान व चाहर ने बताया कि पेंशनर्स को मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी है और राज्य सरकार इसे स्वीकार भी करती है किंतु ईमानदार निर्वहन नहीं किया जा रहा है जिससे पेंशनर अस्पतालों के चक्कर लगाने को विवश हैं।उन्होंने कहा कि कैशलेश चिकित्सा के नाम पर करोड़ों रुपए पेंशनर से वसूले जा रहे हैं और पेंशनर्स को 10महीने बाद प्रतिपूर्ति का आधा अधूरा खर्चा दिया जाता है।वरिष्ठ उपाध्यक्ष एल.सी पाण्डेय और आर.के जोशी ने सरकारों पर पेंशनर्स की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि अब और अधिक उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जीपीडब्लूओ के उपाध्यक्ष सुखवंश सिंह और संयुक्त मंत्री ओ.पी तिवारी ने 30जून व 31दिसम्बर को रिटायर पेंशनर्स को एक वर्ष की सेवा पूरी करने पर मिलने वाली एक वेतन वृद्धि का लाभ उनकी पेंशन में सेवानिवृत्ति के दिन से नॉशनली दिए जाने की मांग दोहराई है।उन्होंने कहा कि पड़ौसी राज्यों में दिए गए नॉशनली इंक्रीमेंट की तरह उत्तराखण्ड में भी 31दिसम्बर 2025 के शासनादेश में संशोधन किया जाना न्याय संगत होगा।बैठक में एस.पी.चमोली ने 8वे वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस और वित्त विधेयक 2025 पर भी चर्चा कर सरकारी की पेंशनर विरोधी नीयत के खिलाफ जनमत तैयार करने का आह्वान किया है।बी.पी चौहान की अध्यक्षता और जे.पी.चाहर के संचालन में हुई बैठक में भूपेंद्र सिंह,हरिकेश अकेला,धर्मानंद कांडवाल ,कैलाश चंद शर्मा,अतर सिंह,रमेश चंद्र पंत,उमाशंकर पांडेय,मोहन लाल शर्मा,महेश गुप्ता, एम.के अग्रवाल,अशोक गुप्ता,आर के जोशी,ई.के.सी.जोशी,ई.पी.के.सिंह,स्वदेश सिंह चौहान, मनोज शर्मा आदि ने विचार व्यक्त किए।
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