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अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय को हरित,पर्यावरण-अनुकूल हेतु बढ़ाया गया कदम

 अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय को हरित,पर्यावरण-अनुकूल हेतु बढ़ाया गया कदम

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार- गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय को हरित,पर्यावरण-अनुकूल एवं सौंदर्य पूर्ण स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय,पंतनगर के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र,धनौरी के दो युवा कृषि वैज्ञानिक संकाय परिसर के उद्यान (गार्डन) के वैज्ञानिक विकास एवं सौंदर्यीकरण का कार्य में योगदान करेंगे।इस पहल का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना को भी बढ़ावा देना है।

आज कृषि विज्ञान केंद्र,धनौरी के सस्य विज्ञान विभाग के प्रोफेसर विनोद चौधरी तथा उद्यान विज्ञान की युवा वैज्ञानिक डॉ.रेनू ने समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय का विस्तृत निरीक्षण किया।इस दौरान संकायाध्यक्ष प्रो.मयंक अग्रवाल एवं उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ.धर्मेंद्र बालियान के साथ उन्होंने संकाय की उद्यान वाटिका,खुले परिसर तथा विभिन्न स्थलों का अवलोकन कर हरित विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया।निरीक्षण के उपरांत प्रो.विनोद चौधरी ने कहा कि संकाय परिसर में उपलब्ध भूमि एवं प्राकृतिक वातावरण अत्यंत अनुकूल है।वैज्ञानिक योजना के अनुरूप विभिन्न मौसमों के अनुसार फूलों,छायादार वृक्षों,औषधीय एवं सजावटी पौधों का रोपण कर इस परिसर को अत्यंत आकर्षक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि हरित परिसर न केवल सौंदर्य बढ़ाता है,बल्कि विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के लिए सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण भी निर्मित करता है।उद्यान वैज्ञानिक डॉ.रेनू ने कहा कि केवल बाहरी उद्यान ही नहीं,बल्कि संकाय के कार्यालयों,सभागारों एवं अन्य भवनों के भीतर भी इनडोर पौधों का रोपण किया जा सकता है।इस दौरान संकायाध्यक्ष प्रो.मयंक अग्रवाल ने कृषि वैज्ञानिकों का वैदिक परंपरा के अनुसार संकाय कार्यालय में भव्य स्वागत किया।उन्होंने कहा कि संकाय परिसर में हरियाली बढ़ने से विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं शुद्ध ऑक्सीजन युक्त वातावरण मिलेगा।विज्ञान,तकनीक एवं उद्यान विज्ञान का यह समन्वय विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक सिद्ध होगा।संकाय के बागवानी विभाग के प्रभारी डॉ.धर्मेंद्र बालियान ने बताया कि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में देश के 22राज्यों से विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने आते हैं।उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में चरणबद्ध ढंग से वृक्षारोपण,पुष्प वाटिका,औषधीय पौधों एवं सजावटी हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रो.विपुल शर्मा,सहायक कुलसचिव डॉ.पंकज कौशिक,डॉ.मयंक पोखरियाल,डॉ.संजय सिंह,उमाशंकर शर्मा,दलजीत सिंह बिष्ट सहित संकाय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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