Ticker

6/recent/ticker-posts

वैदिक संस्कृति एवं सभ्यता में शारीरिक सौष्ठव के साथ अनुशासन जीवन का अभिन्न है

वैदिक संस्कृति एवं सभ्यता में शारीरिक सौष्ठव के साथ अनुशासन जीवन का अभिन्न है

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार- भारतीय वैदिक संस्कृति एवं सभ्यता में शारीरिक सौष्ठव के साथ अनुशासन जीवन का अभिन्न है।आधुनिक युग में इस कला में विद्यार्थियों को निपुण एवं दक्ष बनाए जाने के लिए गुरुकुल कांगड़ी समविष्वविद्यालय में आर्यवीर दल/आर्य वीरांगना दल शिविर का आयोजन 07से 13जुलाई तक किया जा रहा है।समविश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.प्रतिभा मेहता लूथरा की अध्यक्षता में समविश्वविद्यालय अतिथि गृह सभागार में सम्पन्न हुई बैठक में आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी।

बैठक में आयोजित किए जाने वाले शिविर के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से वैदिक विद्वान कृपाल सिंह आर्य व बृहस्पति आर्य ने शिविर में प्रतिदिन होने वाली गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की।बैठक का संचालन समविश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो.सत्यदेव निगमालंकार ने किया।इस दौरान    कृपाल सिंह आर्य ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण, आत्मबल एवं वर्तमान परिवेश में अपनी गौरवशाली वैदिक शिक्षा प्रणाली को दृढ़ता से विद्यार्थियों को आत्मसात करने का अवसर उपलब्ध कराते हैं।बैठक में वित्ताधिकारी प्रो.वी.के. सिंह,प्रो.राकेश जैन,प्रो.नवनीत,प्रो.एल.पी.पुरोहित,प्रो.कर्मजीत भाटिया,प्रो.मुकेश कुमार,प्रो.सत्येंद्र राजपूत,प्रो.नमिता जोशी,प्रो.सुरेखा राणा,प्रो.मुदिता अग्निहोत्री,प्रो.अंजली गोयल,डा.संदीप,डा.राकेश भूटियानी,डा.अजय मलिक,डा.मयंक पोखरियाल,अमित धीमान,रंजीत सिंह,धर्मवीर, मनप्रीत डा.अंकित,कुलभूषण शर्मा,कुलदीप कुमार,रूपेश पन्त आदि उपस्थित रहे।



एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

मानसून में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त, जनसुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता-डॉ. आशीष चौहान