दूसरे को दुख पहुंचाने वाला इंसान नहीं, अपनी कमियों से सबक ले समाज-आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी
भेदभाव से दूर प्रेमपूर्वक रहकर सत्संग, सुमिरन और सेवा करे समाज-आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी
रिपोर्ट एसडी गौतम
छुटमलपुर-अखिल भारतीय संत शिरोमणि सतगुरु रविदास मिशन गुरु गद्दी ऊन के महंत आचार्य कंवरपाल ब्रह्मचारी जी महाराज का गाँव रेडी मुस्तकम में पहुंचने पर स्वागत किया गया।
गाँव रेडी मुस्तकम में स्थित निर्माणाधीन सतगुरु रविदास गुरुद्वारा में 41 दिवसीय खड़ी तपस्या में सेवक ओमबीर दास के निवेदन पर संगत को निहाल करने पहुंचे आचार्य संत कंवरपाल ब्रह्मचारी ने कहा कि गुरु शिष्य या सेवक को निखारकर सभी समस्याओं से मुक्ति दिलाते है, अकादमिक शिक्षा व सत्संग शिक्षा से मानव का कल्याण होता है जिसके लिए सुमरन आवश्यक है। उन्होंने फरमाया कि दूसरे के दुख को अपना दुख समझने वाला सच्चा तथा दूसरे के जीवन में दुख देने वाला झूठा इंसान है इसलिए सत्संग, सिमरन और सेवा जरूरी है। उन्होंने ऊँचनीच, भेदभाव व मान बड़ाई से दूर रहकर सभी के साथ प्रेमपूर्वक जीवन व्यतीत करने की बात कहते हुए बताया कि सतगुरु रविदास जी जार्ज सतगुरु समनदास जी महाराज के दरबार में सभी के कर्मों का लेखा है।पत्रकार एसडी गौतम ने आगामी 27अक्टूबर 2026 की रात्रि में गुरु गद्दी ऊंन में आयोजित महान संत समागम को सफल बनाने की अपील की। तपस्या में लीन कार्यक्रम आयोजक सेवक ओमबीर दास ने 14 अक्टूबर को रेडी गाँव में आयोजित होने वाले सत्संग का निमंत्रण देते हुए सभी का आभार जताया। संचालन महात्मा इन्द्रपाल दास ने किया। इस दौरान रामपाल सिंह, नितराम, रोहताश, शिवेंद्र धारिया, अनूप दास, अशोक कुमार, अरुण कुमार, महिपाल, सुशील, जसबीर, दिनेश कुमार, अनीता, संतलेश, बबीता, अंगूरी, फौजन समेत सैकड़ों अनुयायी मौजूद रहे।


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