आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा
एबीसी-एआरवी कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के निर्देश,
पालतू श्वानों का अनिवार्य पंजीकरण कराने पर जोर
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
देहरादून-उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में एबीसी-एआरवी कार्यक्रम तथा निराश्रित एवं पालतू गोवंशीय पशुओं के प्रभावी प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान ने शनिवार को अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने नगर निकायों को आवारा पशुओं एवं श्वानों की संख्या का विस्तृत सर्वेक्षण कर समग्र डेटा तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि प्रमाणिक डेटा के आधार पर आवारा श्वानों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से बंध्याकरण,टीकाकरण एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।जिलाधिकारी ने एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) एवं एंटी रेबीज वैक्सीनेशन (एआरवी) अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि पालतूकुत्तों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाए।उन्होंने डोईवाला,विकासनगर और ऋषिकेश में श्वानों के बंध्याकरण एवं शल्य चिकित्सा के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।जिलाधिकारी ने सभी नगर निकायों को सड़कों पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं प्रबंधन के लिए तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि निराश्रित गोवंश को तत्काल कांजीहाउस में पहुंचाकर उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित की जाए।साथ ही सड़कों पर गोवंश को लावारिस छोड़ने वाले लोगों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।बैठक में सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ. वरुण अग्रवाल ने बताया कि देहरादून नगर निगम क्षेत्र में अब तक 55,487स्ट्रीट डॉग का बंध्याकरण किया जा चुका है।वर्तमान में 72डॉग केनल बनाए गए हैं,जबकि 144केनल का निर्माण कार्य प्रगति पर है।इनके पूरा होने के बाद करीब 300श्वानों को रखने की क्षमता उपलब्ध हो जाएगी।नगर निगम क्षेत्र में निराश्रित श्वानों के लिए वर्तमान में 25डॉग फीडिंग स्पॉट बनाए गए हैं,जबकि पालतू श्वानों के 1,117लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं।निराश्रित गोवंश के संरक्षण के लिए केदारपुरम स्थित कांजीहाउस में वर्तमान में 347गोवंशीय पशुओं की देखभाल की जा रही है।वहीं सेलाकुई के शंकरपुर स्थित कांजीहाउस में 536पशु रखे गए हैं। निराश्रित पशुओं को पकड़ने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ चार पशुवाहन तैनात किए गए हैं।बैठक में यह भी बताया गया कि नगर निगम देहरादून क्षेत्र में मार्च 2026 से अब तक 109बंदरों को पकड़कर सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ा गया है।बैठक में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) केके मिश्रा,एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल,सीनियर वेटरनरी ऑफिसर डॉ.वरुण अग्रवाल,एमएनए विजय नाथ शुक्ल सहित सभी नगर पालिकाओं के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
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