विश्वनाथ नाम आश्रम में धूमधाम से मनाया जा रहा श्रीगणेश चतुर्थी का त्यौहार
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- भारतीय शास्त्रीय परम्परा के अनुसार प्रति वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व भाद्र शुक्ल चतुर्थी को भगवान गणेश का प्राकट्य दिवस है। इसी दिन प्रतिवर्ष यह दिवस उनके जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। सोमवार 14 सितम्बर को महामंडलेश्वर स्वामी प्रखर जी महाराज के पावन सान्निध्य में विश्वनाथ नाम आश्रम,शंकराचार्य मार्ग भूपतवाला में श्रीगणेश चतुर्थी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा है,जिसमें भारत के कौने-कौने से आए उनके शिष्य,भक्त सैकड़ों की संख्या में भाग ले रहे हैं।
काशी के वैदिक विद्वान सुनील दीक्षित के नेतृत्व में सैकड़ों विद्वान आचार्यों की देख-रेख में पूजन अर्चन कर मनाया जा रहा है।स्वामी प्रखर जी महाराज ने बताया कि भारतीय परम्परा के अनुसार आठ वस्तुओं से भगवान गणेश का अर्चन किया जाता है जिसे वे बड़े मनोभाव से स्वीकार करते हैं।श्री विश्वनाथ नाम आश्रम में पूजन परम्परा का पालन करते हुए इस बार 16000लड्डुओं एवं 16000 केला 16000,गन्ना,16000,चिड़वा,16000धान की खीर व सत्तू तथा दुर्वा आदि से भगवान गणेश जी का पूजन-अर्चन किया जाएगा।तथा उसके अनुरूप तर्पण भी होगा। प्रातः9ः30बजे पूजन प्रारम्भ होगा तथा 10ः30 बजे से अष्ट द्रव्य अर्चन आरम्भ होगा,द्रव्य अर्चन का यह क्रम अपराह्न चार बजे तक जारी रहेगा।उसके पश्चात ही अष्ट द्रव्य से हवन कर पूर्णाहुति होगी।महाराजश्री ने बताया कि इस पूजन के क्रम में चिन्तामणि गणेश जी का ही पूजन होगा और उन्हीं को लक्ष्य करके सारे कार्य सम्पन्न होंगे। भगवान गणेश के पूजन अर्चन का यह कार्य पुण्यदाई एवं दर्शनीय कार्य होगा।महाराज श्री ने बताया कि श्रीगणेश पुराण में भगवान गणेश स्वयं कहते हैं कि मेरे जन्म के दिन जो व्यक्ति आठ वस्तुओं से मेरा पूजन अर्चन करते हैं उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं।
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