योगी जी गन्ने का लाभकारी मूल्य 700 रुपए कुंतल तत्काल घोषित करें-भगत सिंह वर्मा।
गन्ने का मूल्य ₹700 कुंतल नहीं तो भाजपा को 2027 में वोट नहीं-भगत सिंह वर्मा।
बड़े आंदोलन के लिए गांव-गांव संपर्क-भगत सिंह वर्मा।
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
देवबंद-भाजपा की सरकार ने गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 कुंतल घोषित नहीं किया तो उत्तर प्रदेश के किसान 2027 में भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देंगे। भाजपा की योगी सरकार 2017 से लगातार प्रदेश के गन्ना किसानों का शोषण कर रही है।और चीनी मिल मालिकों से अनैतिक लाभ उठाकर चीनी मिलों को लाभ पहुंचा कर प्रदेश के गन्ना किसानों को बर्बाद कर दिया है।
आज यहां ग्राम जहीरपुर में किसानो की एक बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा व पश्चिम प्रदेश मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार गन्ना किसानों का बहुत शोषण कर चुकी है।अब गन्ना किसान शोषण के लिए तैयार नहीं है।अब उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान सहारनपुर से भाजपा की योगी सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। जिसकी शुरुआत गांव गांव पंचायत और जन जागरण के द्वारा शुरू कर दी गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि भाजपा की योगी आदित्यनाथ सरकार तत्काल गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 रूपये कुंतल घोषित करें।और चीनी मिलों से बकाया गन्ना भुगतान और पिछले वर्षों में देरी से किए गए गन्ना भुगतान पर लगा ब्याज प्रदेश की 121 चीनी मिलों से 19 हजार करोड रुपए का बकाया ब्याज अ विलंब गन्ना किसानो को दिलाये। भगत सिंह वर्मा ने कहा कि यदि जल्द ही भाजपा की सरकार ने गन्ने का लाभकारी मूल्य ₹700 कुंतल घोषित नहीं किया तो उत्तर प्रदेश के किसान 2027 में भारतीय जनता पार्टी को वोट नहीं देंगे। भाजपा की योगी सरकार 2017 से लगातार प्रदेश के गन्ना किसानों का शोषण कर रही है।और चीनी मिल मालिकों से अनैतिक लाभ उठाकर चीनी मिलों को लाभ पहुंचा कर प्रदेश के गन्ना किसानों को बर्बाद कर दिया है।आज प्रदेश के गन्ना किसानों पर देश में बैंको सहकारी समितियों अन्य संस्थाओं का सबसे अधिक कर्ज हो गया है। जिसके लिए भाजपा की योगी सरकार का 9.5 वर्ष का कार्यकाल सीधे-सीधे जिम्मेदार है। प्रदेश के गन्ना किसान कब तक गन्ने की घाटे की खेती करते रहेंगे अब गन्ना किसान समझ गए हैं।यही कारण है कि अब प्रदेश के गन्ना किसानों का गन्ने से लगातार मोह भंग होता जा रहा है। राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि वर्ष 1967 में जब पहली बार चौधरी चरण सिंह जी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उस समय गन्ने का दाम 12 रुपए 10 पैसे कुंतल था माननीय मुख्यमंत्री चौधरी चरण सिंह जी ने 40 परसेंट गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 17 रुपए 10 पैसे कर दिया था। उस समय प्राइमरी स्कूल के अध्यापक की नौकरी प्रतिमाह 70 रुपए थी। सोने का भाव 125 रुपए तोला था। प्राइमरी स्कूल के अध्यापक की नौकरी और सोने का भाव 1000 गुना से भी अधिक बढ़ चुका है। जबकि गन्ने का मूल्य 100 गुणा भी नहीं बढ़ा है।यही कारण है कि प्रदेश के गन्ना किसानो पर लगातार कर्ज बढ़ता जा रहा है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए भारतीय किसान यूनियन वर्मा के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी ने कहा कि भाजपा की प्रदेश और केंद्र सरकार किसान और गरीब विरोधी है।और चीनी मिल मालिकों से मोटी रिश्वत लेकर गन्ना किसानों को लगातार गरीब बना रही है। जिसके लिए अब किसानों को सड़कों पर आना ही पड़ेगा। और किसानों मजदूरों वंचितो दलितो गरीबों युवाओं और छात्रों को एकजुट होकर 2027 विधानसभा में भाजपा की पूंजीवादी गरीब विरोधी योगी सरकार को उखाड़ फेंकना होगा। बैठक का संचालन करते हुए प्रदेश प्रवक्ता रोहित गौतम ने कहा कि भाजपा की केंद्र और प्रदेश सरकार चन्द पूंजी पतियों के लिए कार्य कर रही हैं।जिसे अब देश और प्रदेश की जनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।भाजपा की सरकार में बैठे हुए नेता दमनकारी नीति अपनाकर देश को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।जिसे अब देश की जनता समझ चुकी है। बैठक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा०मुर्तजा सलमानी प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित नीरज कपिल प्रदेश सचिव डा0 परविंदर मलिक प्रदेश सचिव रिशिपाल गुर्जर प्रदेश सचिव मास्टर रईस अहमद प्रदेश संगठन मंत्री धर्मवीर चौधरी ने संबोधित किया। बैठक में जिला उपाध्यक्ष वसीम जहीरपुर जिला मंत्री मोहम्मद राशिद जिला संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह एडवोकेट हाजी सुलेमान हाजी फुरकान हाजी साजिद एजाज अहमद तनवीर अहमद मोहम्मद खुशनसीब अमीर आलम रियासत पहलवान मोहम्मद फारूक आदि ने भाग लिया।
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