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सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र पर आयोजित मेले का एमएसएमई मंत्री ने किया शुभारंभ

 सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में शारदीय नवरात्र पर आयोजित मेले का एमएसएमई मंत्री ने किया शुभारंभ

मेले में सुरक्षा, स्वच्छता एवं सुव्यवस्था को लेकर मण्डलायुक्त, डीआईजी, डीएम एवं एसएसपी द्वारा निरंतर रखी जा रही है नजर

रिपोर्ट अमान उल्ला खान

सहारनपुर-माननीय कैबिनेट मंत्री, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार श्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने आज सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक फीता काटकर मां शाकंभरी देवी शारदीय नवरात्रि मेले का शुभारंभ किया। इस अवसरमेले के शुभारंभ के अवसर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मांगेराम चौधरी, विधायक श्री देवेंद्र निम, विधायक श्री किरत सिंह,  जिलाधिकारी श्री अरविंद कुमार चौहान, मुख्य विकास अधिकारी श्री सुनील कुमार वर्मा जिलाध्यक्ष भाजपा श्री अजीत राणा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

माननीय कैबिनेट मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने मेले को आस्था, श्रद्धा एवं आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण पर्व बताते हुए सभी श्रद्धालुओं को शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मां शाकंभरी देवी का पावन धाम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रमुख केंद्र है। मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मां शाकंभरी देवी से समस्त प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं को लेकर जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय स्तर से लेकर जिला स्तर तक के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी निरंतर प्रयासरत हैं। प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं से श्रद्धालु संतुष्ट नजर आ रहे हैं। लेटकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मैट की व्यवस्था की गई है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।जिलाधिकारी श्री अरविंद कुमार चौहान ने मेले में पहुंचकर श्रद्धालुओं से उनकी कुशलक्षेम प्राप्त की तथा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं एवं विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं से वार्ता कर व्यवस्थाओं का फीडबैक लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन एवं आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। सभी व्यवस्थाएं पूरी तत्परता, संवेदनशीलता एवं आपसी समन्वय के साथ संचालित की जाएं।
जिलाधिकारी ने बताया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र को 03 जोन एवं 16 सब-सेक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन एवं सब-सेक्टर में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों की 08-08 घंटे की शिफ्टवार ड्यूटी लगाकर व्यवस्थाओं की निरंतर निगरानी की जा रही है। मेला क्षेत्र में मेला कोतवाली की स्थापना कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भीड़ नियंत्रण एवं यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी एवं महिला पुलिस की तैनाती की गई है।संपूर्ण मेला क्षेत्र को उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से निरंतर निगरानी की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस सहायता केंद्र, खोया-पाया केंद्र एवं मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। बैरिकेडिंग, पार्किंग, पीए सिस्टम, यातायात प्रबंधन एवं आपदा प्रबंधन की बेहतर व्यवस्था की गई है। किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीमों की तैनाती की गई है।श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बड़े एवं छोटे वाहनों हेतु 07 पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। पार्किंग स्थलों पर रेट लिस्ट एवं साइन बोर्ड लगाने तथा निर्धारित दरों के अनुसार पार्किंग शुल्क लिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने, मार्गों पर अनावश्यक भीड़ रोकने तथा बैरिकेडिंग को व्यवस्थित रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों एवं चलने में असमर्थ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए खोल क्षेत्र में भूरा देव मंदिर से मां शाकंभरी देवी मंदिर तक 10 ई-रिक्शा संचालित किए जा रहे हैं। लेटकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मैट की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के बैठने के लिए खोल क्षेत्र से बाहर टेंट लगाए गए हैं। पेयजल, साफ-सफाई, शौचालय, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मेला परिसर में स्वास्थ्य केंद्र एवं अस्थायी अस्पताल स्थापित किया गया है। श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के साथ ही गंभीर स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस चौबीसों घंटे तैनात की गई है। किसी भी आकस्मिक अग्निकांड से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तथा अचानक बाढ़ आने की स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमें तैनात की गई हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले और वे सुखद स्मृतियों के साथ लौटें, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धालुओं के प्रति सौम्य, सहयोगात्मक एवं संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सेवा भाव से करें।मां शाकंभरी देवी शारदीय नवरात्रि मेले के शुभारंभ के अवसर अपर जिलाधिकारी प्रशासन लवी त्रिपाठी,  पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी, पार्टी पदाधिकारी, अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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