मृत्युभोज बंद करने का दिलाया संकल्प
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सरसावा-ग्राम बीदपुर में समाजसेवी डॉ संदीप सैनी की माता जी स्व0 करेशनी देवी पत्नि पहल सिंह का निधन हो गया था। जानकारी मिलने पर महर्षि कश्यप ज्ञान आश्रम के प्रधान मांगेराम कश्यप व दिवंगत के परिवार और समाज के मौजिज लोग एकत्र हुए एवम् तिज्जे/तेरहवीं पर मृत्युभोज की कुप्रथा को बन्द करने का गांव में दावत देने पर प्रतिबन्ध लगाने का निर्णय लिया।आज तीज्जे/तेरहवीं के अवसर पर सभी रिश्तेदार, समाज के बुद्धिजीवी वर्ग रस्मपगड़ी पर उपस्थित रहे एवं मृत्युभोज नहीं बनाया गया। सभी से इस कुप्रथा को बंद करने के लिए प्रार्थना की गई।श्रद्धांजलि सभा में फूलों से श्रद्धांजलि देकर रस्मपगड़ी की रस्म पूर्ण की और समाज को संदेश दिया कि यदि भविष्य में कहीं भी तेरहवीं में मृत्युभोज बनाया जाए तो वहां कोई भी भोजन ग्रहण नहीं करें। यही दिवंगत के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।श्रद्धांजलि देते हुए महर्षि कश्यप ज्ञान आश्रम के संस्थापक प्रधान मांगेराम कश्यप ने कहा कि ब्रह्मभोज में केवल कंधा देने वालों के लिए ही सूक्ष्म रूप से भोजन बनाया जाए एवं समाज के अन्य व्यक्तियों के लिए संभव हो तो केवल चाय की व्यवस्था की जाए। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।अंत में संस्थापक प्रधान मांगेराम कश्यप ने उपस्थित सभी सामाजिक बंधुओं को हाथ उठवाकर संकल्प दिलवाया कि "हम मृत्युभोज न खाएंगे, न ही खिलाएंगे" और समाज में इस कुप्रथा को बंद कराने के लिए सामाजिक जागरूकता अभियान में साथ चलेंगे।इस अवसर पर विक्रम सैनी पूर्व बीडीसी, रघुवीर सैनी, मोहन लाल सैनी, अरविन्द सैनी, डॉ जयसिंह सैनी, संजय सैनी, कर्म सिंह सैनी, विकास सैनी, सुरेश सैनी, मोहित सैनी, रमेश सैनी, योगेन्द्र सैनी आदि उपस्थित रहे।

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