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नयी व्यवस्था ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ शुरु की गयी थी

 नयी व्यवस्था ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ शुरु की गयी थी

सहारनपुर। प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए के शर्मा को सहारनपुर का ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ ऐसा भाया कि अब वह इसे अनुकरणीय बनाते हुए पूरे प्रदेश में लागू करना चाहते है। उन्होंने इसके लिए नगर निगम सहारनपुर व सहयोगी संस्था सुनहरा कल उमंग समिति को इसका पूरा विवरण और एक ऐप बनाकर देने को कहा है।

लॉक डाउन के दौरान नगर निगम द्वारा आईटीसी मिशन सुनहरा कल व सुनहरा कल उमंग समिति के सहयोग से एक नयी व्यवस्था ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ शुरु की गयी थी। लॉकडाउन के दौरान लोगों का सामान्य जीवन काफी अस्त व्यस्त रहा। घरों में तरह-तरह का काफी कचरा एकत्रित होता रहा। इस कचरे से लोगों को निजात दिलाने के लिए ही यह नयी व्यवस्था ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ शुरु की गयी थी। व्यवस्था के तहत एक व्हा्ट्स ऐप नंबर जारी किया गया। इस नंबर पर लोगों को अपने घरों में एकत्रित गत्ता, कांच, लोहा, टीन, रद्दी कॉपियां, अखबार आदि कचरे का चित्र, अपना पता और मोबाइल नंबर शेयर करना होता था। नंबर शेयर होने पर ‘डिजीटल कबाड़ वाला’ के रुप में निगम का वर्दीधारी रेहड़े वाला उक्त पते पर जाता था और उस कचरे को लेकर उसका भुगतान कर देता था, जिसे पुर्नचक्रण के लिए भेज दिया जाता था। नगर निगम व आईटीसी मिशन सुनहरा कल के सहयोग से व्यवस्था से जुड़ी सुनहरा कल उमंग समिति के प्रबंधक मयंक पाण्डेय के मुताबिक लॉकडाउन में करीब छह कुवंटल कचरा घरों से खरीदा गया। उनका कहना है कि यह व्यवस्था अभी भी जारी है, जिन लोगों के पास वह नंबर है, वे उस नंबर पर अपना विवरण डालते हैं तो डिजीटल कबाड़ वाला उनके घर पहुंचता है और उनसे कचरा ले लेता है। उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति यदि चाहे तो उस पर जाकर अभी भी देख सकता है कि अखबार, टीन, रद्दी या गत्ते आदि का क्या रेट है।

हाल ही में लखनऊ में नगर विकास मंत्री एवं निदेशक नगर विकास के समक्ष स्वच्छ टेक्नालॉजी चैलंेज के अंतर्गत ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ का प्रदर्शन किया गया। नगर विकास मंत्री ए के शर्मा ‘‘डिजीटल कबाड़ वाला’’ से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मयंक पाण्डेय से इसका पूरा विवरण देने के अलावा ये भी सुझाव दिया कि वह इसका एक ऐप बनवाये ताकि इसे पूरे प्रदेश के निकायों में लागू किया जा सके।

रिपोर्ट-अमान उल्ला खान



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