जीवन में सफलता पाने के लिए बड़े सपने देखने ज़रूरी है-हिना कौसर
सहारनपुर-कहते हैं जब हौसले बुलंद हों, तो कामयाबी मिलते देर नहीं लगती। ऐसे में जब सफलता कदम चूमती है, तो यह दूसरों के लिए नज़ीर बन जाती है। यूनुस कौसर वरिष्ठ अधिवक्ता की पौत्री हिना कौसर 22 वर्षीय ने उत्तराखंड न्यायिक सेवा परीक्षा 2021 में दूसरी रैंक पाकर जनपद का नाम रोशन किया। इस अवसर पर उर्दू मरकज़ सहारनपुर, उत्तर प्रदेश अंजुमन तरक़्की उर्दू, अदबी,सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों व ऑल इंडिया उर्दू तालिमी बोर्ड के संरक्षक सूफी ज़हीर अख़्तर गंगोही,सज्जाद हुसैन एडवोकेट, बोर्ड अध्यक्ष साबिर अली खान,मौ०अब्बास, महासचिव दानिश सिद्दीकी ने हिना कौसर को मुबारकबाद देते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षा दिलाना बेहद ज़रूरी है,यदि बेटियां शिक्षित होगी तो समाज सुरक्षित होगा। सफल होने के लिए लगातार मेहनत करना बेहद ज़रूरी है।
हिना कौसर ने अपने संघर्ष व सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि वो मूल रूप से जनपद सहारनपुर के देहरादून चौक खानआलनपुरा के घर जन्मी बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की रही। हिना के पिता का सपना उन्हें न्यायिक सेवा में भेजने का था। तभी से वह भी इस सपने को लेकर आगे बढऩे लगी। उनकी पढ़ाई उनके दादा वरिष्ठ अधिवक्ता यूनुस कौसर के घर कज़्बा गंगोह से कक्षा 6 से गंगोह के जयप्रकाश हाईस्कूल व आर्य कन्या इण्टर कॉलेज से स्नानारकोत्तर तक और अलीगढ़ यूनिवर्सिटी से लेकर कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी तक प्रथम स्थान बनाकर रखा। हिना कौसर ने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए बड़े सपने देखने ज़रूरी है और सपने वही पूरे होते हैं, जिन्हें पाने के लिए इंसान शिद्दत से प्रयास करें। हिना कौसर ने युवा पीढ़ी को सन्देश दिया कि वाट्सएप और फेसबुक जैसे माध्यम आपका समय खराब करते हैं। इनमें वक्त लगाने की जगह,अपने लक्ष्य पर फोकस करें ताकि सफलता आपके कदम चूमें। हिना कौसर के पिता मौ०सलीम कौसर भी अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के छात्र रहे और ग्राम्य विकास विभाग विकास भवन में उर्दू अनुवादक के पद पर कार्यरत रह कर समय से ड्यूटी देकर शासकीय कार्यो में बड़ी ईमानदारी व लग के बल पर बाखूबी ज़िम्मेदारी निभा रहे। हिना कौसर के परिवार वालो में उनके जज बनने पर खुशी का माहौल है। हिना कौसर के माता-पिता, दोस्त व बहन-भाईयों ने मिठाई खिलाकर उनको बधाई दी।रिपोर्ट-अमान उल्ला खान

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