श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर गौ माता की सेवा
रिपोर्ट नदीम निजामी
नकुड़-श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी के पावन अवसर पर कान्हा गौशाला नारायणपुर में श्रद्धा एवं सेवा का अनुपम संगम देखने को मिला।
गौ माता की सेवा कर क्षेत्रवासियों ने न केवल सनातन धर्म की परंपरा को निभाया, बल्कि गौभक्ति के माध्यम से पुण्य अर्जन का मार्ग भी अपनाया। इस दिव्य अवसर पर गौ माता को चोकर, शक्कर, चना और केले का भोग अर्पित किया गया। शास्त्रों के अनुसार एकादशी का यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना के लिए विशेष महत्व रखता है। वहीं गौ सेवा को वैदिक संस्कृति में सर्वोच्च स्थान प्राप्त है, जिसे जीवन के सात्विक कर्मों में गिना गया है। गौ सेवक अनिल सैनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि गौ माता केवल पशु नहीं बल्कि संस्कृति की आत्मा हैं। कान्हा गौशाला में गौ सेवा कर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। सनातन धर्म की गरिमा को जीवित रखें। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं की सहभागिता और सेवा भाव ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
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