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गौसेवा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग-सेवक अनिल सैनी

गौसेवा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग-सेवक अनिल सैनी

रिपोर्ट नदीम निजामी

नकुड़-एकादशी के पावन अवसर पर ग्राम नारायणपुर स्थित कान्हा गौशाला में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ गौ माता की सेवा की गई। इस अवसर गौ माता को हरा चारा, शक्कर, तिल एवं चौकर का भोग अर्पित किया।

ग्राम नारायणपुर निवासी कान्हा गौशाला के सेवक अनिल सैनी ने बताया कि जया एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। जिसे पाप विनाशिनी एकादशी भी कहा जाता है। धार्मिक ग्रंथ पद्म पुराण के अनुसार इस व्रत में ब्रह्महत्या जैसे महापापों को भी नष्ट करने की शक्ति मानी गई है। हिन्दू धर्म में मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गौसेवा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा एवं बुरी शक्तियों का प्रभाव दूर होता है। इतना ही नहीं जीवन में सुख शांति और सकारात्मकता का संचार होता है। उन्होंने कहा कि गौसेवा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है जो समाज में करुणा, सद्भाव और धर्म के प्रति आस्था को सुदृढ़ करती है। इस दौरान गौशाला परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। वहां  उपस्थित श्रद्धालुओं ने गौ माता की सेवा को पुण्य कार्य बताया।

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