अपनी दिन-चर्या मे कुछ बदलाव करके ह्रदय रोगो से बचा जा सकता है-डॉक्टर सुशील शर्मा
हृदय रोग से बचने के लिए तनाव से दूर रहें-डॉक्टर प्रवीण शर्मा
हृदय रोगियों को संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए-डॉक्टर कलीम अहमद
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-आई.एम.ए की मासिक बैठक का आयोजन जी.पी.ओ.रोड स्थित होटल के सभागार मे हुआ।मासिक बैठक में मुख्य अतिथि के रूप मेंअमेरिका से आए वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील शर्मा का आई.एम.ए के चिकित्साको ने स्वागत किया
मासिक बैठक में अमेरिका से आए वरिष्ठ ह्रदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुशील शर्मा ने बताया कि कैसे अपनी दिन-चर्या मे कुछ बदलाव करके ह्रदय रोगो से बचा जा सकता है।डॉक्टर सुशील शर्मा ने कहा कि प्रस्तुति के दौरान यह जानकारी दी गई कि हृदयाघात (हार्ट अटैक) होने की लगभग 90% संभावना को कुछ महत्वपूर्ण कारकों पर ध्यान देकर रोका जा सकता है। विशेष रूप से यह बताया गया कि रक्त में लिपिड्स (वसा) को नियंत्रित रखने से हार्ट अटैक का जोखिम लगभग 50% तक कम किया जा सकता है, जबकि धूम्रपान करने से इसका खतरा लगभग 30% तक बढ़ जाता है। फल एवं हरी सब्ज़ियों के नियमित सेवन से जोखिम कम होने की बात भी कही गई। साथ ही नियमित व्यायाम, शराब एवं तंबाकू से परहेज़, रक्तचाप एवं मधुमेह का नियंत्रण अत्यंत आवश्यक बताया गया। यह भी उल्लेख किया गया कि पेट की चर्बी (एब्डोमिनल ओबेसिटी) को नियंत्रित करने से हार्ट अटैक का खतरा लगभग 20% तक कम किया जा सकता है।यह भी बताया गया कि भारतीयों की शारीरिक संरचना पश्चिमी देशों के लोगों से भिन्न होती है, जिसके कारण भारत में हार्ट अटैक अपेक्षाकृत कम उम्र में देखने को मिलता है। उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह से ग्रसित रोगियों को नियमित रूप से जाँच कराने की सलाह दी गई। साथ ही यह जानकारी भी साझा की गई कि भारतीयों में Apo-B एवं Lipoprotein-A का स्तर अपेक्षाकृत अधिक पाया जाता है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।इस अवसर पर आई.एम.ए. के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा द्वारा कहा गया कि वर्तमान समय में हृदय रोग बहुत तेज़ी से बढ़ रहे हैं, इसलिए अपनी तोंद व चर्बी को कंट्रोल कर हार्ट अटैक का खतरा लगभग 70% कम किया जा सकता है आई.एम.ए. के सचिव डॉ. नीरज आर्य द्वारा पिछले माह आई.एम.ए. द्वारा किए गए विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन वैज्ञानिक सचिव डॉ. कलीम अहमद द्वारा किया गया।इस अवसर पर डॉ. संजीव मित्तल, डॉ. नरेश नौसरान, डॉ. रेणु शर्मा, डॉ. प्रवीण चावला, डॉ. अंकुर उपाध्याय, डॉ. डी.के. तिवारी, डॉ. रविकांत, डॉ. संजीव मिगलानी, डॉ. रवि ठक्कर, डॉ. महेश ग्रोवर, डॉ अनुज पंवार,डॉ पीयूष त्यागी डॉ अनुशील शर्मा डॉ मनोज आर्य डॉ. महेश चंद्रा, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ. सुधीर अग्रवाल, डॉ. महेश गोयल, डॉ. अनिल मलिक, डॉ. सीमा अग्रवाल, डॉ. पूनम मखीजा, डॉ. सुरेश सिंघल, डॉ. अतुल जैन, डॉ. प्रवीण मित्तल, डॉ. शशिकांत, डॉ. अमरजीत पोपली, डॉ. अरुण अनेजा, डॉ. पूनम, डॉ. डी.के. गुप्ता, डॉ. संजय कपिल, डॉ. राजेश शर्मा, डॉ. राजीव गर्ग, डॉ. स्वर्णजीत सिंह, डॉ. ऋतु जैन, डॉ. वी.एस. पुंडीर सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।

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