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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तीन दिवसीय मूर्ति स्थापना समारोह में हुये शामिल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तीन दिवसीय मूर्ति स्थापना समारोह में हुये शामिल

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता,सख्त नकल विरोधी व दंगारोधी कानून लागू- सीएम 

सनातन संस्कृति और राष्ट्र चेतना के प्रतीक थे सत्यमित्रानंद गिरी महाराज- मुख्यमंत्री धामी 

रिपोर्ट श्रवण झा

हरिद्वार-सप्तऋृषि क्षेत्र में भारत माता मन्दिर के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी सत्यमित्रानंद गिरी की समाधि स्थल पर उनकी मूर्ति स्थापना का तीन दिवसीय समारोह के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सप्तऋषि आश्रम मैदान में आयोजित ‘संत सम्मेलन’ में शामिल हुये।

संत सम्मेलन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सनातन चेतना के जीवंत प्रतीक सभी संत -महात्मा,धर्मगुरु एवं श्रद्धालुजन,माँ गंगा के पावन तट पर स्थित सप्तऋषि क्षेत्र में एकत्र होकर राष्ट्र और संस्कृति के लिए अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं।उन्होंने कहा कि जिन महापुरुषों ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रधर्म,सेवा,त्याग और करुणा के लिए समर्पित किया,वे केवल संन्यासी नहीं,बल्कि राष्ट्र चेतना से जुड़े दिव्य संत थे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज ने आध्यात्मिक ज्ञान को सामाजिक सेवा से जोड़ते हुए ऐसा जीवन दर्शन प्रस्तुत किया, जिससे अनगिनत लोगों को सेवा और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिली। उन्होंने भारत माता मंदिर की स्थापना कर सनातन संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का कार्य किया,जो आज भी श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र बना हुआ है।वर्ष 1998 के कुंभ मेले में उन्हें आचार्य महामंडलेश्वर बनाया गया,जिसके बाद अब तक 10लाख से अधिक नागा साधुओं को दीक्षा प्रदान की गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्यमित्रानंद गिरी महाराज की मूर्ति स्थापना नई पीढ़ी के लिए आध्यात्मिक जागरण का माध्यम बनेगी। संत परंपरा किसी एक पंथ या संप्रदाय तक सीमित न होकर वसुधैव कुटुंबकम के भाव से सम्पूर्ण विश्व को जोड़ने का कार्य करती है।सनातन धर्म मानव निर्मित नहीं,बल्कि शाश्वत सिद्धांतों पर आधारित है,जो समय के साथ चलता है और कभी पराजित नहीं होता।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने धर्मांतरण विरोधी कानून,सख्त दंगारोधी कानून,तथा लैंड जिहाद,लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी जिहादी मानसिकताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की है।उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू कर सभी नागरिकों के लिए समान कानून की स्थापना की गई है।युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने हेतु सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया ,जिसके परिणामस्वरूप 28हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सांस्कृतिक उत्थान का नया युग प्रारंभ हुआ है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण तथा बदरीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत को पुनःविश्व गुरु के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार में गंगा तट पर स्थित भारत माता मंदिर देश की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि 2027 के कुंभ मेले की तैयारियाँ की जा रही हैं और महाराज जी का जीवन निरंतर सद्कर्म और साधना से प्रेरित रहा। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल  मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत में बीते वर्षों में अभूतपूर्व परिवर्तन हुआ है और आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।उन्होंने कहा कि जल,थल और वायु मार्गों का तीव्र विकास हुआ है तथा युवा शक्ति देश को विकसित राष्ट्र की ओर अग्रसर कर रही है।संत समाज भारतीय संस्कृति को सुदृढ़ करने और देश को एकता के सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है।बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संतों का सान्निध्य जीवन के दुखों का समाधान है।भारत की पहचान सनातन संस्कृति से है। शंकराचार्य द्वारा स्थापित चार मठ देश की आध्यात्मिक एकता के प्रतीक हैं।उन्होंने कहा कि परमात्मा एक है,उसकी अभिव्यक्ति विभिन्न आस्थाओं के माध्यम से होती है।कार्यक्रम में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज ,शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज योग गुरु बाबा रामदेव,ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी,निर्मल अखाड़े के श्रीमहंत ज्ञानदेव शास्त्री,ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी ,महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज,निर्वाण पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोखानंद भारती जी,श्रीमहंत देवानंद सरस्वती,संघ संचालक राम गोपाल कृष्ण,प्रज्ञा भारती ,कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम,श्रीमहंत नारायण गिरी महाराज,जूना अखाड़े के महामंत्री महेश पूरी,महामंडलेश्वर हरिचेतनानंदजी,विश्व हिंदू परिषद अध्यक्ष आलोक कुमार, महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी,सुरेश चौहान,विधायक मदन कौशिक,विधायक प्रदीप बत्रा, राज्यमंत्री विनय रोहिला,जिलाध्यक्ष भाजपा आशुतोष शर्मा,आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडे, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोभाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत,श्रद्धालु,जनप्रतिनिधि एवं अनुयाई उपस्थित रहे।



 

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