विश्व कैंसर दिवस पर महिलाओं में बढ़ते कैंसर पर जागरूक करने के लिए स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी ने संदेश
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-विश्व कैंसर दिवस (4 फरवरी) के अवसर पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी ने महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे स्तन (ब्रेस्ट) और सर्वाइकल (योनि) कैंसर को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि समय पर जागरूकता, जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नैना मिगलानी ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विभिन्न सर्वेक्षणों के अनुसार विश्व में हर वर्ष लगभग 82 लाख तथा भारत में करीब 12.5 लाख लोग कैंसर से प्रभावित होते हैं। भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर होता है, जिनमें से करीब 62,500 महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। यह स्थिति इतनी गंभीर है कि हर आठवें मिनट एक महिला सर्वाइकल कैंसर से जान गंवाती है।उन्होंने बताया कि भारत में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख महिलाएं स्तन कैंसर की चपेट में आती हैं, जिनमें से लगभग 75 हजार महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। वर्तमान में आंकड़े बताते हैं कि हर 28 में से एक महिला को स्तन कैंसर हो रहा है।स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण--स्तन में गांठ का होना,निप्पल से खून या किसी प्रकार का तरल निकलना,स्तन की बनावट या आकार में बदलाव,स्तन कैंसर की हाई रिस्क महिलाएं,मां या बहन को स्तन कैंसर होना,30 वर्ष की उम्र के बाद पहला बच्चा होना,संतान न होना,12 वर्ष से पहले माहवारी आना,55 वर्ष के बाद भी माहवारी जारी रहना,बच्चे को स्तनपान न कराना,सर्वाइकल (योनि) कैंसर के लक्षण,माहवारी में गड़बड़ी,पेट के निचले हिस्से में दर्द,सर्वाइकल कैंसर के हाई रिस्क फैक्टर,ज्यादा बच्चे होना,16 वर्ष से पहले या 50 वर्ष के बाद विवाह,पारिवारिक इतिहास,धूम्रपान,ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण है डॉ. मिगलानी ने अन्य कैंसरों के लक्षणों पर भी ध्यान दिलाया, जिनमें मुंह में छाले (मुंह का कैंसर), बलगम के साथ खून आना (फेफड़ों का कैंसर), पीलिया व सूजन (लिवर कैंसर) तथा अत्यधिक थकान व खून की कमी (ब्लड कैंसर) शामिल हैं।
कैंसर से बचाव के उपाय---धूम्रपान और शराब से दूरी,रेड मीट और डिब्बाबंद रेडीमेड भोजन से परहेज,नियमित व्यायाम,समय पर विवाह और सीमित परिवार,व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान,कैंसर से बचाव में सहायक आहार,हरी पत्तेदार सब्जियां,सलाद और ताजे फल,साबुत अनाज व दालें,मूंगफली और बादाम,विटामिन-सी युक्त फल जैसे संतरा, मौसमी, नींबू, अंगूर और आंवला सेवन बचाव किया जा सकता है डॉ. नैना मिगलानी ने आमजन से अपील की कि “आप और हम मिलकर कैंसर का बोझ कम करें” और नियमित जांच व स्वस्थ जीवनशैली को अपनाकर इस गंभीर बीमारी से बचाव करें।

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