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भारतीय किसान यूनियन नई क्रांति ने किसानों की समस्याओं के निदान के लिए की आवाज बुलंद

भारतीय किसान यूनियन नई क्रांति ने किसानों की समस्याओं के निदान के लिए की आवाज बुलंद

रिपोर्ट नदीम निजामी

नकुड़-किसानों की बढ़ती आर्थिक बदहाली और नीतिगत चुनौतियों को लेकर भारतीय किसान यूनियन नई क्रांति ने जोरदार आवाज बुलंद की।

संगठन के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम को सौंपते हुए कहा कि देश का अन्नदाता कर्ज, लागत वृद्धि और बाजार की अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे में ठोस और प्रभावी निर्णय समय की मांग हैं। शनिवार को राष्ट्रीय महासचिव चौधरी कुलबीर सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान तहसील मुख्यालय पहुंचे। किसानों ने कहा कि बढ़ती लागत और घटती आय के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है, इसलिए एकमुश्त कर्जमाफी की नीति लागू की जाए। साथ ही सभी फसलों पर कानूनी रूप से सुनिश्चित एमएसपी लागू किया जाए और एमएसपी से कम मूल्य पर खरीद करने वाले व्यापारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की पुनर्समीक्षा, पुरानी पेंशन बहाली तथा 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर प्रत्येक नागरिक को पेंशन देने की मांग भी शामिल रही।किसानों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान हारून खटाना, विजय खटाना, परवेज शाह, फुरकान निजामी, मोतीराम, मोहम्मद सादिक सहित अनेक किसान उपस्थित रहे।

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