राजस्व लोक अदालत में 1911वादों का निस्तारण, वादकारियों को मिली त्वरित राहत’
’लगभग 63 लाख रुपये की राजस्व वसूली एवं अर्थदंड आरोपित’
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार- मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जनपद में आमजन को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने तथा लंबित राजस्व वादों के शीघ्र निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित राजस्व लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के राजस्व वादों को सुनवाई हुई।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित इस राजस्व लोक अदालत में कुल 1911वादों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।इनमें आपसी सुलह-समझौते,त्वरित सुनवाई तथा प्रशासनिक हस्तक्षेप के माध्यम से वादकारियों को शीघ्र न्याय दिलाया गया। इस पहल से लंबित मामलों का त्वरित समाधान हुआ तथा आमजन को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिली।राजस्व लोक अदालत में लगभग 61लाख रुपये का अर्थदंड आरोपित किया गया,जबकि 2लाख रुपये से अधिक की धनराशि की वसूली गई।यह लोक अदालत राजस्व वादों के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक अभूतपूर्व उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है।राजस्व लोक अदालत में स्टाम्प अधिनियम के अंतर्गत 19मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 60,88,442 रुपये की धनराशि अर्थदंड के रूप में आरोपित की गई।वहीं 72आबकारी अधिनियम के तहत 21मामलों का निस्तारण करते हुए 96हजार रुपये की धनराशि अर्थदंड के रूप में वसूली गई।इसके अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अंतर्गत 7 मामलों का निस्तारण करते हुए 1लाख 10हजार रुपये का अर्थदंड वसूला गया।जिलाधिकारी ने श्री दीक्षित ने इस आयोजन की सफलता के लिए सभी संबंधित विभागों व वादकारियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार प्रशासन का प्रमुख उद्देश्य आमजन को सुलभ,त्वरित एवं पारदर्शी न्याय उपलब्ध कराना है।राजस्व लोक अदालत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है,जिसके माध्यम से आपसी सहमति एवं सरल प्रक्रिया के तहत वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी पी.आर.चौहान,उपजिलाधिकारीगण,तहसीलदार,नायब तहसील दार सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।
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