चंद्र ग्रहण का सूतक लगने पर बंद किए मंदिरों के कपाट
गंगा आरती रात आठ बजे हुई
रिपोर्ट श्रवण झा
हरिद्वार-मंगलवार को सवेरे 6बजकर 20मिनट पर साल के पहले चंद्रग्रहण का सूतक शुरू होने के बाद हरिद्वार में सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए।शाम पौने सात बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिर खोले गए और साफ सफाई कर पूजा अर्चना की गयी।
ग्रहण समाप्ति के बाद हजारों श्रद्वालु गंगा स्नान को गंगा घाटों पर उमड़े। गंगा स्नान के बाद श्रद्वालुओं ने पूजा आदि कर दान पूण्य किये। मंगलवार को श्रीगंगा सभा ओर से दी गई जानकारी के अनुसार शाम को होने वाली आरती रात आठ बजे होगी।इस आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालु इसी अनुसार अपना कार्यक्रम बनाएं।प्रातःकालीन गंगा आरती के बाद हरकी पैड़ी पर भी गंगा मंदिर सहित सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहण शुरू होने से 9घंटे पूर्व सूतक शुरू हो जाता है।इस दौरान मंदिरों में दर्शन पूजन व अन्य मांगलिक कार्य करना वर्जित माना गया है।ग्रहण समाप्त होने के बाद मंदिरों को खोला जाता है और देव प्रतिमाओं को स्नान आदि कराने के बाद विधिवत रूप से पूजा अर्चना की जाती है।शाम पौने सात बजे ग्रहण समाप्त होने के बाद हरकी पैड़ी पर मंदिरों और घाटांे का गंगाजल से धोया गया।देव प्रतिमाओं को गंगा जल से स्नान कराने के बाद रात्रि आठ बजे गंगा आरती की गयी।
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