ज़िला कारागार में जनपद न्यायाधीश का औचक निरीक्षण
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-बंदियों को त्वरित और निःशुल्क कानूनी सहायता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई। जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जेल विजिटर्स के साथ जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया गया। इस विशेष अवसर पर कैदियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए कारागार परिसर में 'प्रिजन लीगल एड क्लीनिक' का विधिवत उद्घाटन किया गया।
निरीक्षण के दौरान जनपद न्यायाधीश ने जेल की बैरकों, भोजनालय और अस्पताल का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने भोजनालय में कैदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता परखी और परिसर में बेहतर साफ-सफाई व शुद्ध पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों से व्यक्तिगत संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और विशेष रूप से ऐसे विचाराधीन कैदियों की सूची मांगी जिनके पास पैरवी के लिए वकील उपलब्ध नहीं हैं।जेल अस्पताल के निरीक्षण में दवाओं की उपलब्धता और डॉक्टरों की उपस्थिति जाँची गई। इस नव-उद्घाटित क्लीनिक के माध्यम से अब पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) और LADCS अधिवक्ता जेल के भीतर ही कैदियों को उनके विधिक अधिकारों, अपील प्रक्रिया और पैरोल की जानकारी देंगे। जनपद न्यायाधीश ने जोर देकर कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक बंदी को त्वरित न्याय पाने का अधिकार है, जिसे यह क्लीनिक धरातल पर उतारेगा। इस मौके पर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जेल अधीक्षक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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