नेत्रहीन एवं विकलांग कल्याण शिक्षण संस्था ने किया सूरदास जयंती का समारोह पूर्वक आयोजन
रिपोर्ट-रवि बख्शी
सहारनपुर- स्थानीय नेत्रहीन एवं विकलांग कल्याण शिक्षण संस्था चंद्र विहार कॉलोनी गंगोह रोड, पर सक्षम मेरठ प्रांत की सहारनपुर इकाई द्वारा सूरदास जयंती का समारोह पूर्वक आयोजन किया। इस अवसर पर प्रांत अध्यक्ष राजेंद्र चुघ एवं दिनेश वर्मा ने संत शिरोमणि स्वामी सूरदास जी के चित्र पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम में उपस्थित नेत्रहीन छात्रों एवं उपस्थित महानुभावों को संबोधित करते हुए जिला प्रचार प्रमुख सक्षम हरिओम गणपति सहस्रबुद्धे ने कहा कि सूरदास जी नेत्रहीन होने के बाद भी मन की आंखों से प्रत्यक्ष देखते थे। उनकी भक्ति ने श्री युगल सरकार के प्रत्यक्ष दर्शन किए साथ ही अनेक ऐसे अवसर आए जहां उनकी आंतरिक नेत्रों की उपस्थिति दर्ज की गई।सूरदास जी ने यह सिद्ध कर दिया कि नेत्र ही होना कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि यह नियति का एक वरदान भी हो सकता है। उन्होंने संपूर्ण जीवन काल में एक आदर्श भक्ति और भाव पूर्ण जीवन व्यतीत किया। उन्हें आज भी उनके श्रेष्ठ चरित्र के कारण महाकवि की उपाधि से संबोधित किए जाता हैं। उन्होंने कहा हम सभी को अपनी न्यूनताओं को ध्यान में नहीं रखना चाहिए बल्कि अपनी क्षमताओं को ध्यान करके उसका उपयोग करना चाहिए ।कार्यक्रम में दो नेत्रहीन छात्रों ने अपना कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव पीयूष जैन ने किया जबकि अध्यक्षता श्री दिनेश त्यागी जी ने की।कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई थी।इस अवसर पर संजय शर्मा, डॉ अजय सैनी ,उदय जैन ,गजदीप पुंडीर (प्रांत एडवोकेसी प्रमुख) संगीता वर्मा, पवन पुंडीर, सोनिया पुंडीर आदि उपस्थित थे
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