विश्व होम्योपैथी दिवस पर डॉ. हैनिमैन को श्रद्धांजलि, सहारनपुर में भव्य आयोजन
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर -डॉ. हैनिमैन का 271याँ जन्मदिवस एवं विश्व होम्योपैथी दिवस 10 अप्रैल को होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन, सहारनपुर द्वारा हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित भच्य कार्यक्रम में क्षेत्र के प्रतिष्ठित चिकित्सकों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर संरक्षक डॉ. पी. डी. गर्ग के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में चिकित्सकों द्वारा डॉ. हैनिमैन की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके महान योगदान एवं उपलब्धियों को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसी क्रम में एसोसिएशन के सदस्य हैनिमैन प्वाइंट, दिल्ली रोड पर एकत्रित हुए, जहां उन्होंने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। डॉ. हैनिमैन प्वाइंट का विकास संरक्षक डॉ. पी. डी. गर्ग द्वारा होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनिमैन की स्मृति में कराया गया, जो आज चिकित्सकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रेरणा स्थल के रूप में स्थापित है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में होम्योपैथी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नेत्र पाल सिंह एवं जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों एवं संरक्षक डॉ. पी. डी. गर्ग द्वारा दीप प्रज्वलन तथा डॉ. हैनिमैन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात सभी उपस्थित चिकित्सकों एवं अतिथियों ने "Similia Similibus Curentur" सिद्धांत को आत्मसात करते हुए स्वस्थ जीवनशैली एवं समग्र चिकित्सा के प्रसार का संकल्प लिया।कार्यक्रम के दौरान होम्योपैथी की उपयोगिता, प्रभावशीलता एवं वर्तमान समय में इसकी बढ़ती आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. शिशिर भारद्वाज द्वारा की गई। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि होम्योपैथी केचल लक्षणों का नहीं, बल्कि रोग के मूल कारण का उपचार करती है, जिससे रोगी को स्थायी लाभ मिलता है। संस्था के सचिव डॉ. अजय सैनी ने संस्था की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविर, जन जागरुकता अभियान एवं प्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। डॉ. शमशाद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि होम्योपैथी का सबसे बड़ा गुण यह है कि यह रोगी के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक पहलुओं को ध्यान में रखकर समग्र उपचार प्रदान करती है। वर्तमान समय में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते प्रभाव के बीच यह एक प्रभावी एवं स्थायी चिकित्सा पद्धति के रूप में उभर रही है। संस्था के कोषाध्यक्ष डॉ. संदीप टकर ने संगठन की वित्तीय स्थिति एवं विकास योजनाओं की जानकारी दी, वहीं संरक्षक डॉ. पी. डी. गर्ग ने अपने संबोधन में होम्योपैथी के उज्ज्वल भविष्य एवं इसके व्यापक प्रसार पर विशेष जोर दिया।डॉ. अभिनव गर्ग ने अपने संबोधन में संस्था की उपलब्धियों को विस्तार से प्रस्तुत करते हुए बताया कि एसोसिएशन द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, जटिल रोगों का सफल उपचार, चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशालाओं का नियमित आयोजन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार जैसे अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति आज समाज के हर वर्ग के लिए एक सुलभ, सुरक्षित एवं प्रभावी विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है।कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वरिष्ठ चिकित्सकों ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए होम्योपैथी की समग्र एवं प्रभावी चिकित्सा पद्धति के रूप में सराहना की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ. रमेश मंचंदा, डॉ. एस. के. जैन, डॉ. संजय शर्मा, डॉ. अजय वालिया, डॉ. संदीप पसरीचा, डॉ. मनोज सिंघल, डॉ. हरीश मंचंदा, डॉ. शिवशयन पुंडीर, डॉ. सतीश चावला, डॉ. विनीत चौधरी, डॉ. शिवाय, डॉ. पूनम यादव, डॉ. बलजिंदर कौर, डॉ. वी. के. टंडन आदि उपस्थित रहे। संस्था द्वारा अब तक हजारों मरीजों को लाभ पहुंचाया जा चुका है और समाज के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य होम्योपैथी के प्रति जन-जागरुकता बढ़ाना, इसके वैज्ञानिक आधार को समाज के समक्ष प्रस्तुत करना तथा चिकित्सकों के बीच समन्वय एवं ज्ञान-विनिमय को प्रोत्साहित करना था।
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