कुर्बानी के दौरान ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी को कोई तकलीफ़ पहुँचे-मौलाना शमशीर क़ासमी
रिपोर्ट अमन मलिक
रामपुर मनिहारान-जमीयत उलेमा ए हिन्द के ज़िला उपाध्यक्ष हज़रत मौलाना शमशीर क़ासमी ने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि कोई भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न करे।
मदरसा जामिया दावतुल हक़ मुइनिया के प्रबंधक व जमीयत उलेमा ए हिन्द के जिला उपाध्यक्ष हज़रत मौलाना शमशीर क़ासमी ने ईद उल अजहा के मौक़े पर अपील करते हुए कहा कि कुर्बानी हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है जिसको हमारे नबी ने क़ायम रखा क्योंकि ये अहम फ़रीज़ा है।कुर्बानी के लिए नियत का पाक साफ़ होना ज़रूरी है।इसलिए कुर्बानी के दौरान ऐसा कोई काम न करें जिससे किसी को कोई तकलीफ़ पहुँचे या कुर्बानी में कोई कमी आए।मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा कि कुर्बानी के मौके पर कोई भी प्रतिबंधित पशु न ख़रीदे।न ही ऐसे पशु की कुर्बानी करे।जानवर की खरीद फ़रोख़्त और लाने ले जाने के लिए क़ानून का पालन करें।शरीयत के मुताबिक़ कुर्बानी करें।पर्दे के एहतमाम करें,साफ़ सफ़ाई रखें, बचे हुए अवशेष इधर उधर न फेंके बल्कि गड्ढे में दफ़न करें या नगर पंचायत द्वारा नियुक्त गाड़ी में डालें।कुर्बानी के बाद मांस ढक कर अपने घरों तक पहुंचाएं।किसी भी सूरत में कुर्बानी के फोटो वीडीयो न बनाएं और न सोशल मीडिया पर पोस्ट करें।उन्होंने कहा कि अगर कोई भड़काने या उकसाने की बात करे तो फौरन पुलिस को सूचना दें।कुर्बानी में कोई रुकावट हो तो अपने आसपास के ज़िम्मेदारों या जमीयत के ज़िम्मेदारों से सम्पर्क करें।मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा कि शरीयत में कुर्बानी के लिए जो नियम बताए गए हैं वही आज हुकूमत की गाइडलाइन है।इसलिए गाइडलाइन का पालन करें।
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