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कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर परामर्शदात्री समिति की बैठक संपन्न

कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर परामर्शदात्री समिति की बैठक संपन्न

भव्य,दिव्य,सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी सुझावों पर होगा अमल मेलाधिकारी

रिपोर्ट श्रवण कुमार झा

हरिद्वार-कुंभ मेला 2027 की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर परामर्शदात्री समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका की अध्यक्षता में मेला नियंत्रण भवन के सभागार में संपन्न हुई।बैठक में हरिद्वार,ऋषिकेश एवं आसपास के क्षेत्रों के विभिन्न सामाजिक,धार्मिक, व्यापारिक एवं नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा प्रशासनिक अधिकारीगण शामिल हुए।सभी प्रतिभागियों ने आगामी कुंभ मेले के भव्य,दिव्य,सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए शासन-प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया।मेले की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अनेक महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक को संबोधित करते हुए मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन है,जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं।ऐसे विशाल आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी विभागों,स्थानीय निकायों,धार्मिक संस्थाओं,सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के समन्वित सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन द्वारा कुंभ मेला 2027 को ऐतिहासिक,सुव्यवस्थित और श्रद्धालु -अनुकूल बनाने के लिए व्यापक स्तर पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं।उन्होंने कहा कि परामर्शदात्री समिति एवं स्थानीय हितधारकों से प्राप्त सुझाव प्रशासन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं,क्योंकि स्थानीय लोगों को क्षेत्र की भौगोलिक,सामाजिक एवं व्यावहारिक परिस्थितियों का व्यापक अनुभव होता है।इन सुझावों के आधार पर विभिन्न व्यवस्थाओं का आकलन करते हुए आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि उपयोगी सुझावों को योजनाओं में सम्मिलित कर मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा। मेलाधिकारी ने बताया कि संपूर्ण कुंभ क्षेत्र में अवस्थापना सुविधाओं के विकास एवं विस्तार के लिए युद्धस्तर पर कार्य चल रहे हैं।श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण ,घाटों के विकास,पैदल मार्गों के निर्माण,प्रकाश व्यवस्था,पेयजल आपूर्ति,स्वच्छता प्रबंधन तथा पार्किंग स्थलों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रमुख मार्गों एवं स्थलों पर संकेतक बोर्ड,सूचना केंद्र तथा डिजिटल सूचना प्रणालियों को भी विकसित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले के दौरान भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक होता है।इस संबंध में आधुनिक तकनीक,डिजिटल मॉनिटरिंग,के आधार पर यातायात एवं भीड़ नियंत्रण की व्यवहारिक रणनीति तैयार की जाएगी।मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त जनसुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है।इसके लिए अस्थायी आवास,शौचालय,पेयजल,स्वास्थ्य सेवाएं,सहायता केंद्र,विश्राम स्थल,सुरक्षा व्यवस्था तथा स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित,सुविधाजनक और सकारात्मक अनुभव प्रदान करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुंदर कुंभ क्षेत्र के निर्माण के लिए विशेष अभियान संचालित किए जा रहे हैं।घाटों,मार्गों एवं सार्वजनिक स्थलों की नियमित सफाई,ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जा रही है।इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने एवं अवैध निर्माणों पर नियंत्रण के लिए भी प्रभावी कार्रवाई की जा रही है,ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही निर्बाध बनी रहे और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।बैठक के दौरान मेलाधिकारी ने“हरित हरिद्वार”अभियान की भी विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने कहा कि कुंभ मेला 2027 को पर्यावरण के अनुकूल और हरित स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से मेला प्रशासन,जिला प्रशासन एवं हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के सहयोग से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।इस अभियान में स्थानीय नागरिकों,स्वयंसेवी संस्थाओं,आश्रमों, शिक्षण संस्थानों,धार्मिक संगठनों तथा सामाजिक समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आगामी 5जून को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर हजारों पौधे रोपे जाएंगे तथा हरिद्वार को अधिक हरित एवं पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने का संकल्प लिया जाएगा।उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सभी को निभानी होगी।बैठक में उपस्थित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव साझा किए।उन्होंने यातायात प्रबंधन,पार्किंग व्यवस्था,घाटों की सुरक्षा,चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार,स्वच्छता व्यवस्था, स्थानीय लोगों की सहभागिता तथा श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव दिए।मेला प्रशासन ने इन सुझावों पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।बैठक में हरिद्वार की मेयर श्रीमती किरण जैसल, ऋषिकेश के मेयर शंभू पासवान,नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती की अध्यक्ष श्रीमती नीलम बिजल्वाण,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ) आयुष अग्रवाल,नगर आयुक्त नंदन कुमार,एसपी सिटी अभय सिंह,मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.मनोज कुमार वर्मा,अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती,उप मेलाधिकारी मनजीत सिंह,उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव,भारत माता मंदिर के स्वामी ललितानंद,भारत साधु समाज के स्वामी शिवानंद,मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के महेश कुमार दुबे,प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी,व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष प्रवीण शर्मा,धर्मशाला समिति के अध्यक्ष महेश गौड़,उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डॉ.विशाल गर्ग,प्रदीप कालरा,राजीव नैयर सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

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