सुगम संगीत कार्यशाला में विद्यार्थी सीख रहे सुर, ताल और लय की बारीकियां
रिपोर्ट विवेक जैन
बागपत-उत्तर प्रदेश संगीत नाट्य अकादमी, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) एवं पांचाल म्यूजिक सेंटर एंड टेक्निकल इंस्टीट्यूट, बड़ौत के संयुक्त तत्वावधान में नाद प्रवाह के अंतर्गत आयोजित 15 दिवसीय ग्रीष्मकालीन सुगम संगीत कार्यशाला में विद्यार्थियों को भारतीय संगीत की विभिन्न विधाओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 20 जून से प्रारंभ हुई यह कार्यशाला आगामी 4 जुलाई को संपन्न होगी। कार्यशाला में 22 विद्यार्थी उत्साहपूर्वक भाग लेकर सुगम संगीत की बारीकियां सीख रहे हैं।
संस्थान के व्यवस्थापक एवं प्रशिक्षक रामशरण पांचाल विद्यार्थियों को भजन, ग़ज़ल, गीत तथा उप-शास्त्रीय गायन की विधाओं का नियमित अभ्यास करा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शास्त्रीय संगीत के जटिल नियमों को सरल रूप में प्रस्तुत कर आमजन एवं विशेष रूप से युवाओं को भारतीय संगीत से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को भक्ति संगीत एवं प्रसिद्ध भजनों का सही सुर, ताल और लय के साथ गायन सिखाया जा रहा है। वहीं नए विद्यार्थियों को मूल रागों पर आधारित सरल धुनों के माध्यम से संगीत की आधारभूत जानकारी दी जा रही है, जिससे उनकी संगीत की मजबूत नींव तैयार हो सके। रामशरण पांचाल ने बताया कि संगीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का प्रभावी साधन भी है। इस प्रकार की कार्यशालाएं नई पीढ़ी को भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों में सीखने का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर प्रेम चन्द, जगमोहन, वर्षा तोमर, विनित सहित अनेकों विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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