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व्यापारी दानवीर भामाशाह के आदर्शों का अनुसरण करें-विवेक मिनोचा

 व्यापारी दानवीर भामाशाह के आदर्शों का अनुसरण करें-विवेक मिनोचा

 रिपोर्ट अमान उल्ला खान 

सहारनपुर- प्रत्येक वर्ष 28, 29 जून को पूरे देश में मनाये जाने वाले भामाशाह जयंती के कार्यक्रमों की श्रृंखला में सहारनपुर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि  मंडल  द्वारा देहरादून रोड स्थित होटल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में विचार रखते हुए व्यापार मण्डल के अध्यक्ष विवेक मिनोचा व वरिष्ठ महामंत्री स. सुरेन्द मोहन सिंह चावला ने कहा कि मेवाड राजस्थान की पावन भूमि पर 29 जून सन 1567 को जन्मे भामाशाह भारत भूमि पर ही नहीं अपितु विश्व भर में अपने राष्ट्रप्रेम व अतुल्य त्याग के लिए सदैव याद किये जाते रहेंगे। उन्होने कहा कि मुगल काल में हिन्दू राजाओं पर विजय प्राप्त करने की कूटनीति के अंतर्गत एक-एक करके राजस्थान के चित्तौड़ से लेकर जोधपुर व बीकानेर तक राजपूत राजाओं ने मुगलो की अधीनता स्वीकार करके अपनी राजसत्ता मुगलों के आधीन कर दी थी तब एकमात्र महाराणा प्रताप नहीं झुके थे। उन्होंने मुगलों की आधीनता अस्वीकार करके वीर की भांति युद्ध में लड़कर देश के लिए जान न्यौछावर करने की ठानी थी तब तत्कालीन मेवाड़ राज्य के मंत्री महान योद्धा व धनी दानवीर भामाशाह ने अपनी राष्ट्रभक्ति व उदारता का अविस्मरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए अपनी समस्त धन सम्पत्ति जिसमें 25 लाख रूपये नगद, 20 हजार सोने की अशरफियां, हीरे-जवाहरात महाराणा प्रताप को देकर पुनः मेवाड़ प्राप्त किया था और युद्ध में विजय प्राप्त की थी। ऐसे दानवीर भामाशाह की जयंती पर प्रत्येक व्यापारी शत-शत नमन करता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यापारी को दानवीर भामाशाह की तरह राष्ट्रभक्ति व त्याग की भावना तथा व्यापार मण्डल की आचार संहिता का पालन कर एक आदर्श नागरिक बनना होगा। इसके संदर्भ में सभी व्यापारियों को शपथ भी दिलवायी गयी। भामाशाह का पुण्य कार्य देश व समाज के साथ-साथ कृतज्ञ व्यापारी समाज की देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है, जो कि हम सबके के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब देश पर संकट आया है, युद्ध का समय हो या प्राकृतिक आपदा व्यापारी समाज ने प्रत्येक अवसर पर बढ़ चढ़कर सहयोग किया। देश में स्कूल कालेज, धर्मशाला, पार्क व धार्मिक स्थलों के निर्माण से लेकर गरीब व बेसहारा समाज को आर्थिक व अन्न, वस्त्र की सहायता देने में व्यापारी सदैव  अग्रणीय भूमिका निभा रहा है। व्यापारी समाज के लिए भामाशाह एक आदर्श पुरूष हैं, और हर व्यापारी को एक आदर्श नागरिक व दानवीर पुरूष बनना होगा। उन्होंने इस बात पर हर्ष व्यक्त किया गया कि कुछ वर्ष पूर्व राजस्थान सरकार को विशिष्ट लोगों को प्रत्येक वर्ष भामाशाह पुरस्कार दिया जाता है। साथ ही राजस्थान में आर्थिक एवं नारी सशक्तिकरण को मजबूत बनाने के लिए भामाशाह योजना को भी सफलतापूर्वक लागू किया गया। कार्यक्रम में व्यापारियों द्वारा एकता, सदभावना और सेवा के लिए निरन्तर कार्य करने का संकल्प लिया गया। समस्त व्यापारियों की ओर से भामाशाह जयंती को व्यापारी कल्याण दिवस घोषित करने की जो मांग की गयी थी वह पिछले वर्ष से प्रदेश सरकार द्वारा पूरी की गयी है। साथ ही पूरे प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा 28 व 29 जून को भामाशाह जयंती के उपलक्ष में व्यापारी कल्याण दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं, यह बहुत ही सराहनीय पहल है।कार्यक्रम में प्रमुख रूप अध्यक्ष विवेक मनोचा व वरिष्ठ महामंत्री स. सुरेन्द मोहन सिंह चावला, महामंत्री पुनीत चौहान, महानगर कोषाध्यक्ष सुधीर मिगलानी, प्रांतीय उपाध्यक्ष यशपाल मैनी, प्रांतीय संगठन मंत्री महेश नारंग, प्रांतीय संगठन मंत्री अशोक छाबड़ा, मंडल अध्यक्ष संजय भसीन, आईटी मच राजीव मदान, युवा व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष अनुभव शर्मा, चेयरमैन दीपक खेड़ा,  युवा कोषाध्यक्ष अध्यक्ष विनीत चौहान, अशोक नारंग, गुलशन अनेजा, मुकेश दत्त, मुकेश धनकर, ललित पोपली, संजय करनवाल, फरजान उल हक, पीयूष अग्रवाल, कृष्ण राजीव सिंगला, आलोक अरोड़ा, अनिल भाटिया, अशोक खुराना, प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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