ग्राम्य विकास मंत्री भरत चौधरी ने की विकास कार्यों की समीक्षा,
पशुपालन व मत्स्य पालन को बताया ‘गेम चेंजर’
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
नैनीताल-बुधवार को राज्य अतिथि गृह में ग्राम्य विकास,लघु एवं सूक्ष्म उद्योग,मंत्री,भरत चौधरी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मनरेगा,पीएमजीएसवाई,उद्योग,ग्राम्य विकास,खादी ग्रामोद्योग,पशुपालन,मत्स्य पालन सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की गई।बैठक के दौरान मंत्री ने पशुपालन एवं मत्स्य पालन को ‘गेम चेंजर’ बताया। कहा कि उत्तराखंड की आर्थिकी को मजबूत करने में पशुपालन व मत्स्य पालन गेम चेंजर साबित हो सकते हैं।उन्होंने दुग्ध उत्पादन,विपणन तथा मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग को पशु नश्ल सुधार सहित गोटवेल्ली को बढ़ाए जाने हेतु कार्य करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रमुख आधार है।उन्होंने जनपद में लघु एवं सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार तथा नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु उद्योग विभाग सिंगल विंडो सिस्टम को और प्रभावी बनाए।’मनरेगा की समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि 1जुलाई से जी राम जी प्रारंभ होने से पूर्व मनरेगा के अंतर्गत सभी पुराने बकाया भुगतान तत्काल किए जाएं।उन्होंने कहा कि मानसून काल में जल संरक्षण कार्यों को बढ़ावा देने हेतु ‘एक पेड़ माँ के नाम’की तर्ज पर‘एक पेड़ गुरु के नाम’अभियान चलाया जाय इसे जनांदोलन का रूप दिया जाय।ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि सभी ’योजना स्थलों पर बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाय।उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विकास कार्यों के कार्यस्थल पर मानक के अनुरूप योजना संबंधी बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।बोर्ड न लगने पर कार्य को ‘लावारिस’मानकर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।’पीएम आवास योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रत्येक पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति को आवास उपलब्ध कराने की कार्यवाही हो,कोई भी जरूरतमंद आवास से वंचित न रहे,यह सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने पलायन रोकथाम हेतु ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि को बचाने हेतु प्रभावी‘घेरबाड़ योजना’संचालित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की गुणवत्ता,पैकेजिंग एवं विपणन पर विशेष ध्यान देते हुए उन्हें बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं की संख्या 23हजार वर्तमान में जो है उन्हें लखपति बनाए रखते हुए शेष 17हजार महिला समूहों की सदस्यों को लखपति बनाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाए जाने हेतु उन्होंने विभिन्न रोजगार परख प्रशिक्षण दिया जाय।’पीएमजीएसवाई की समीक्षा के दौरान ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि पीएमजीएसवाई के अंतर्गत जो भी सड़कें छूटी हैं,उनके प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।बैठक में अवगत कराया कि पीएमजीएसवाई-4 अंतर्गत 63सड़कों में से भारत सरकार द्वारा बैच प्रथम में 17सड़कें जिनकी कुल लंबाई 93किलोमीटर है स्वीकृति प्रदान की गई थी 125करोड़ रुपये की लागत से होने वाले इन सभी कार्यों के टेंडर भी हो गए हैं।इसी प्रकार बैच द्वितीय अंतर्गत कुल 12सड़कें कुल 92किलोमीटर लंबाई जिसकी कुल लागत 114करोड़ है की स्वीकृति मिली है,जिसका प्रस्ताव भेजा गया है।इससे पूर्व जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए जनपद में संचालित विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने अवगत कराया कि आगामी मानसून काल में जिले में जल संरक्षण के कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तावित किया गया है।इस दौरान जिलाधिकारी ने मंत्री के सम्मुख जिले में घर बटवारे के कारण अलग परिवारों को सौचालय आवंटित कराए जाने का अनुरोध किया गया।बैठक में विधायक सरिता आर्या,भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट,दर्जा राज्यमंत्री दिनेश आर्य,शांति मेहरा,सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार,जिला विकास अधिकारी,गोपाल गिरी,एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि ,विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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