आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी
प्रमुख सचिव ने की आपदा तैयारियों एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा,
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
देहरादून- प्रमुख सचिव एवं जनपद प्रभारी,देहरादून डॉ.आर.मीनाक्षी सुंदरम की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में मानसून पूर्व तैयारियों एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान के नेतृत्व में संबंधित विभागों के अधिकारियों द्वारा मानसून तैयारी के दृष्टिगत जनपद में संचालित विभिन्न कार्यों,संवेदनशील स्थलों पर की गई व्यवस्थाओं,भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जारी शमन कार्यों तथा गत वर्ष की आपदाओं से प्राप्त अनुभवों के आधार पर की गई तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई।
बैठक में सौंग नदी परियोजना,नंदा की चौकी क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा कार्यों,नदी सफाई कार्यों तथा अन्य बाढ़ सुरक्षा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।प्रमुख सचिव ने मानसून आरंभ होने से पूर्व सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।साथ ही खनन गतिविधियों से संबंधित आवश्यक कार्यवाहियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने को कहा।मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु जनपद में उपलब्ध 39डी-वॉटरिंग पंपों की तैनाती योजना की समीक्षा की गई।गत वर्ष जलभराव एवं जनहानि से प्रभावित स्थलों का पुनःआकलन कर संवेदनशील क्षेत्रों में अग्रिम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।आईएसबीटी क्षेत्र में जलनिकासी संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु एमडीडीए,लोक निर्माण विभाग,नगर निगम,सिंचाई विभाग एवं जिला प्रशासन की संयुक्त टीम गठित कर समन्वित कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।इसके अतिरिक्त जनपद के 12प्रमुख नालों की सफाई एवं सुधार कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में अल्प अवधि में होने वाली अत्यधिक वर्षा(शॉर्ट ड्यूरेशन हाई इंटेंसिटी रेनफॉल) वाले क्षेत्रों का डेटा आधारित विश्लेषण करने तथा संभावित जलभराव स्थलों की अग्रिम पहचान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।आठ संवेदनशील नदी एवं नाला क्षेत्रों में चल रहे शमन कार्यों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।भूस्खलन एवं भू-संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा करते हुए जनपद में चिन्हित 12लैंडस्लाइड जोन तथा क्रॉनिक स्लिप जोन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।किमाड़ी सहित संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी समाधान विकसित करने तथा जोखिम कम करने हेतु दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।क्लाउड बर्स्ट की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में निगरानी एवं पूर्व चेतावनी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।बैठक में अधिकारियों को ऐसे विद्यालयों की पहचान कर शेष मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यकता अनुसार अस्थायी एवं स्थायी दोनों प्रकार के समाधान विकसित करने को कहा गया।इसी प्रकार उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में निवासरत गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके लिए स्वास्थ्य सेवाएं,सुरक्षित आवागमन तथा अन्य आवश्यक सहायता पूर्व से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।बैठक में बताया गया कि लीकेज मैपिंग के दौरान 18स्थानों पर रिसाव चिन्हित कर निराकरण की कार्यवाही प्रगति पर है।बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में 169नाले हैं जिनमें से 153पर सफाई कार्य पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष पर सफाई कार्य गतिमान है।मानसून अवधि के दौरान 89स्कूलों का चिन्हिकरण किया गया है, जिनमें बरसात के समय नदी-नाले पड़ते है,तथा 73गांव ऐसे है,जहां पर समुचित कनैक्टीविटी नही है,ऐसे गांव की गर्भवती महिलाओं को पहले ही नजदीकी चिकित्सालय भर्ती कराने की व्यवस्था की गई है जहां गर्भवती महिला एवं तीमारदार के भोजन आदि व्यवस्था विभाग की रहेगी।इसके अतिरिक्त रैन बसेरों,राहत शिविरों तथा अन्य आपदा राहत व्यवस्थाओं को पूर्ण रूप से तैयार रखने को कहा गया।प्रमुख सचिव डॉ.आर.मीनाक्षी सुंदरम ने कहा कि मानसून अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना सभी विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के वार रूम एवं नियंत्रण कक्ष को 24ग7 सक्रिय रखने तथा सभी विभागों के मध्य प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश भी दिए। बैठक में कृषि विभाग को निर्देशित किया गया कि बीज एवं अन्य कृषि आदानों की उपलब्धता तथा वितरण में किसी प्रकार की देरी न होने दी जाए।बैठक उपरांत प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुन्दरम ने जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान एवं संबंधित अधिकारियों के साथ कार्लीगाड़ एवं माझाड़ा क्षेत्र सहित आपदा प्रभावित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर क्षेत्र में पुनर्वास कार्य,नदी चैनलाईजेशन कार्य,पुनर्वास व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान,मुख्य नगर आयुक्त आलोक कुमार पाण्डेय,मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह,पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार,अपर जिलाधिकारी वि/रा के.के.मिश्रा,प्रभागीय वनाधिकारी,मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.मनोज कुमार,मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल,जिला पूर्ति अधिकारी के.के अग्रवाल ,अधीक्षण अभियंता जल संस्थान नमित रमोला सहित अधिशासी अभियंता लोनिवि,सिचंाई, पेयजल,विद्युत आदि सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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