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श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान के तीसरे दिन श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान का हुआ आयोजन

श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान के तीसरे दिन श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान का हुआ आयोजन

रिपोर्ट अमन मलिक/डॉ ताहिर मलिक

रामपुर मनिहारान-जैन समाज प्रबंधकारिणी समिति रामपुर के तत्वाधान में आचार्य श्री 108 भारत भूषण जी महाराज के सानिध्य में अष्टहानिका महापर्व के अवसर पर चल रहे 9 दिवसीय श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान के तीसरे दिन श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान का आयोजन किया गया।

योगेश कुमार जैन सुषमा जैन को आज के सौधर्म इंद्र बनने का अवसर प्राप्त हुआ।इसके बाद नित्य नियम पूजा की गई तत्पश्चात विधान की क्रियाएं प्रारंभ हुई। विधान में बहुत सुंदर और भव्य समवशरण बनाया गया। समवशरण की गंधकुटी में चारों दिशाओं में श्री जिनेन्द्र भगवान की प्रतिमा चार प्रतिमाएं विराजमान की गयी। इस अवसर पर प्रवचन देते हुए जैन मुनि आचार्य श्री भारत भूषण जी महाराज ने कहा कि सब पर्वों में बड़ों अठाई पर्व है। अष्टहानिका महापर्व एक वर्ष में तीन बार आते है। अष्टहानिका महापर्व की महिमा इतनी अद्भुत और विशाल है कि जिसका कोई भी पार नहीं पा सकता।हमें पर्व की मिलजुलकर भक्ति भाव पूर्वक मनाना चाहिए। विधान का आयोजन करना चाहिए। प्रभु भक्ति ऐसे करना चाहिए कि इस संसार में कोई अपना नहीं है ये संसार के सपने सब झूठे हैं।इस दौरान जैन समाज के प्रधान मनोज जैन,महामंत्री निपुण जैन,डॉ राजेश जैन,अमित जैन,नवीन जैन, ललित जैन,सुधीर जैन, आर्जव जैन,पुष्पेंद्र जैन, शशांक जैन,भूपेंद्र जैन, अभिषेक जैन,अरिहंत जैन, सहित समाज के सैकड़ों महिला पुरुष मौजूद रहे।

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श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान के तीसरे दिन श्री 1008 शान्तिनाथ महामण्डल विधान का हुआ आयोजन