महाकुंभ-2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व होगा-पुष्कर सिंह धामी
मुख्यमंत्री ने किया गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास’
’महाकुंभ-2027 एवं कांवड़ यात्रा की तैयारियों को मिलेगी नई गति, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा प्रोत्साहन’
रिपोर्ट श्रवण कुमार झा
हरिद्वार-तीर्थनगरी हरिद्वार को आधुनिक,सुरक्षित,सुव्यवस्थित एवं विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत लगभग 235करोड़ रुपये की चार प्रमुख आधारभूत अवसंरचना परियोजनाओं का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया ।
उत्तराखण्ड निवेश एवं आधारिक संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी)द्वारा संचालित इन परियोजनाओं से आगामी महाकुंभ-2027 की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के साथ-साथ वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं एवं कांवड़ यात्रियों को बेहतर,सुरक्षित और सुगम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही स्थानीय नागरिकों को भी बेहतर आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।पर्यटन, व्यापार ,परिवहन,होटल व्यवसाय,हस्तशिल्प एवं अन्य सेवा क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अलकनंदा होटल हरिद्वार में आयोजित समारोह में 43.25करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना का भूमि पूजन किया।इसके साथ ही 66.76करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी एवं सुभाष घाट के पुनरुद्धार,66.34करोड़ रुपये की लागत से हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास तथा 58.84करोड़ रुपये की लागत से रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के पुनर्विकास कार्यों का शिलान्यास किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ गंगा की असीम कृपा और संत समाज के आशीर्वाद से प्रारंभ हुई ये परियोजनाएं हरिद्वार को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी के रूप में विकसित करने के व्यापक विजन का हिस्सा हैं।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल शिलान्यास करने में नहीं,बल्कि समयबद्ध,गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से परियोजनाओं को पूर्ण कर जनता को समर्पित करने की कार्यसंस्कृति पर विश्वास करती है। सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं।सरकार हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर के साथ-साथ केदारखंड मंदिर माला मिशन,मानसखंड मंदिर माला मिशन,शारदा कॉरिडोर,गोल्ज्यू कॉरिडोर तथा विवेकानंद कॉरिडोर जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी कार्य कर रही है।इन योजनाओं का उद्देश्य केवल मंदिरों का सौंदर्यीकरण नहीं,बल्कि श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं के नए अवसर सृजित करना भी है।उन्होंने कहा कि हरिद्वार करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र,भारतीय संस्कृति की जीवंत पहचान तथा सनातन सभ्यता का आध्यात्मिक द्वार है। आगामी महाकुंभ- 2027 भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व होगा।राज्य सरकार इसे इतिहास का सबसे दिव्य,भव्य,सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित महाकुंभ बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य कर रही है।आज जिन चार परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है,वे भी इसी व्यापक तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।मुख्यमंत्री ने बताया कि महाकुंभ को दृष्टिगत रखते हुए हरिद्वार में नए घाटों एवं पुलों का निर्माण,प्रमुख संपर्क मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण तथा यातायात व्यवस्था के आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है।उन्होंने कहा कि हरिद्वार को आस्था के साथ-साथ शिक्षा,स्वास्थ्य,पर्यटन,आधुनिक आधारभूत सुविधाओं और रोजगार के क्षेत्र में भी देश के अग्रणी नगरों में विकसित किया जा रहा है।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेलीपोर्ट,पॉड टैक्सी परियोजना तथा हर की पैड़ी से माँ चंडी देवी और माँ मनसा देवी तक रोपवे परियोजना पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।इसके अतिरिक्त लालढांग क्षेत्र में पुल एवं झूला पुल निर्माण,शंकराचार्य फ्लाईओवर के नीचे गेम जोन तथा मोतीचूर फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग,पार्क एवं कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित किए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा के दौरान केवल अस्थायी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाता था,लेकिन राज्य सरकार ने इस सोच को बदलते हुए कांवड़ पटरी मार्ग के स्थायी एवं आधुनिक विकास का कार्य प्रारंभ किया है,ताकि प्रत्येक वर्ष आने वाले करोड़ों कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित,सुगम एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक अस्मिता और देवभूमि की मूल पहचान के संरक्षण के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनता के सहयोग से उत्तराखण्ड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।उन्होंने कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के प्रशासनिक मार्ग का नाम परिवर्तन संबंधी सुझाव पर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेने के निर्देश भी दिए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि धर्मनगरी में विश्वस्तरीय आधारभूत अवसंरचना के विकास से न केवल श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी,बल्कि पूरे राज्य की पर्यटन एवं स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी दीर्घकालिक लाभ होगा।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक,प्रदीप बत्रा एवं राम सिंह कैड़ा ने भी अपने विचार व्यक्त किए।यूआईआईडीबी के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख सचिव आर.मीनाक्षी सुंदरम ने परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि आगामी महाकुंभ से पूर्व सभी परियोजनाओं को पूर्ण करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।समारोह में दायित्वधारी विश्वास डाबर,ओम प्रकाश जमदग्नि,विनय रोहिल्ला, सुनील सैनी,डॉ.जयपाल सिंह चौहान,श्यामवीर सैनी,देशराज कर्णवाल,दिनेश कौशिक,नितिन गौतम,अजीत चौधरी,शोभाराम प्रजापति,जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण चौधरी,मेयर हरिद्वार श्रीमती किरण जैसल,मेयर रुड़की श्रीमती अनीता अग्रवाल,पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ,विधायक आदेश चौहान,शिवालिकनगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा,पूर्व विधायक संजय गुप्ता ,भाजपा जिलाध्यक्ष हरिद्वार आशुतोष शर्मा,भाजपा जिलाध्यक्ष रुड़की डॉ.मधु,प्रदेश सह मीडिया प्रभारी विकास तिवारी,सचिव विनय शंकर पांडेय,मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका,जिलाधिकारी मयूर दीक्षित,आईजी कुंभ डॉ.योगेंद्र सिंह रावत,एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर,नगर आयुक्त नंदन कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत चार प्रमुख परियोजनाओं का विवरण’
हर की पैड़ीसुभाष घाट पुनर्विकास परियोजना’
इस परियोजना के अंतर्गत हर की पैड़ी कॉरिडोर के सुभाष घाट क्षेत्र का समग्र विकास किया जाएगा,जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित,सुव्यवस्थित एवं बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध हो सकें।बढ़ती संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए धनुष घाट क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा,जिससे पवित्र स्नान एवं अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सके।परियोजना के अंतर्गत धनुष पुल,आस्था पथ एवं बोर्डवॉक पुल का निर्माण किया जाएगा।साथ ही भीड़ प्रबंधन एवं आपातकालीन निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाएगा। गंगा घाट के पैदल मार्ग का पुनर्विकास एवं सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा,जिससे श्रद्धालुओं का आवागमन अधिक सुरक्षित, सुगम एवं सुविधाजनक हो सके।
हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधारभूत अवसंरचना विकास परियोजना’
इस परियोजना का उद्देश्य हर की पैड़ी के उत्तर क्षेत्र में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है।आगामी महाकुंभ एवं कांवड़ यात्रा सहित वर्षभर आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए पार्किंग,भीड़ प्रबंधन एवं सार्वजनिक सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों का विकास,श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का विस्तार तथा क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा, जिससे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान आवागमन एवं व्यवस्थाओं का बेहतर संचालन सुनिश्चित हो सके।
रोड़ी बेलवाला क्षेत्र पुनर्विकास परियोजना’
रोड़ी बेलवाला क्षेत्र के समग्र पुनर्विकास के माध्यम से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं आधुनिक वातावरण विकसित किया जाएगा।परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप आधुनिक आधारभूत संरचना तैयार करना है।इसके अंतर्गत जल निकासी व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था,विभिन्न सिविल कार्य,निगरानी प्रणाली (सर्विलांस),पैदल सुविधाओं का विकास तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
प्रशासनिक मार्ग कॉरिडोर विकास परियोजना’
इस परियोजना के माध्यम से प्रशासनिक मार्ग का चौड़ीकरण,सौंदर्यीकरण एवं आधुनिक स्वरूप में विकास किया जाएगा।परियोजना का उद्देश्य हरिद्वार के प्रमुख मार्ग पर सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।मार्ग के उन्नयन से यातायात संचालन में सुधार होगा,श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों की आवाजाही अधिक सुविधाजनक बनेगी तथा महाकुंभ,कांवड़ यात्रा एवं अन्य बड़े आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी।


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