फास्टफूड के रूप में परोसा जा रहा जहर, विभाग मौन - जिम्मेदार कौन?
कैंसर और फूड पॉइजिंग का कारण है फास्टफूड, आगामी दिनों में आयेंगे दुष्परिणाम- डॉ० नितिन कुमार
रिपोर्ट एसडी गौतम
नागल-फास्टफूड के रूप में चाउमीन मोमोज, बर्गर आदि के शौकीनों को जहर के रूप में फास्टफूड परोसकर बीमारियों को न्योता दिया जा रहा है जिस कारण बच्चे व नौजवान समय पूर्व ही गम्भीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
गली, मोहल्ले, गांव व कस्बे में फास्ट फूड के नाम पर फैल रहे मौत का कारोबार शाम ढलते ही सड़कों, स्कूल-कॉलेजों और अस्पतालों के बाहर ठेले सज जाते हैं। एक ही काले पड़े हुए तेल में बार-बार समोसा, मोमोज, चाउमीन, बर्गर आदि तलकर परोसा जा रहा है जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं क्योंकि बिना ढक्कन और सफाई न होने कारण नाली के बगल में रखी चटनी की बाल्टी पर मक्खियों की फौज बीमारियों को न्यौता दे रही है। साथ ही चाउमीन में प्रयोग किया जा रहा घटिया क्वालिटी का सिरका और निम्नस्तर का सॉस स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। नागल सीएचसी अधीक्षक डॉ. नितिन कुमार ने बताया कि जला हुआ तेल कैंसर, लीवर फेलियर और फूड पॉइजनिंग की सबसे बड़ी वजह है। जिससे आगामी दिनों में और भी बुरे परिणाम आएंगे। गौरबतल है कि मुंबई में आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंडे ने एक रेस्टोरेंट पर छापा मारकर खामिया मिलने पर उक्त कैफे का लाइसेंस रद्द कर दिया था। लेकिन जनपद सहारनपुर में खाद्य विभाग बिल्कुल मौन स्थिति में है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
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