गीता पढ़ने पर मनुष्य को बहुत सी नई जानकारियां भी मिलती है-गोस्वामी ऊधो जी महाराज
विधायक देवेंद्र निम ने ऊधो जी महाराज को पहनाई पगड़ी
रिपोर्ट डाँ ताहिर मलिक/अमन मलिक
रामपुर मनिहारान-कथा वाचक गोस्वामी ऊधो जी महाराज ने कहा कि श्री गीता उपनिषदों का सार है। महाभारत युद्ध के समय रणभूमि में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को जो ज्ञान दिया था वह गीता में बताया गया है। गीता में ऐसी बहुत सी बातें हैं जो मनुष्य को जीवन की कई कठिनाइयों को आसान बनाती है।
खादी आश्रम के मैदान पर श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन कथा वाचक गोस्वामी ऊधो जी महाराज वृंदावन वाले ने कहा कि गीता पढ़ने पर मनुष्य को बहुत सी नई जानकारियां भी मिलती है। साथ ही हर अध्याय के नियमित पाठ का अपना लाभ और महत्व है। भगवान शिव ने देवी पार्वती को गीता के पहले अध्याय के पाठ का महत्व जो बताया है वही यहाँ आपके लिए प्रस्तुत है।लेकिन गीता के पहले अध्याय के महत्व को जानने से पहले जान लीजिए , गीता के पहले अध्याय का नाम अर्जुन विषाद योग है। इस अध्याय में कुरुक्षेत्र के मैदान में उपस्थित बंधुओं और संबंधियों को सामने देखकर अर्जुन के मन में उठे विषाद और मनःस्थिति का वर्णन किया गया है। कथावाचक ने उपस्थित श्रद्धालुओं से अपने बच्चों की शिक्षा के प्रति भी जागरूक होने का आह्वान किया।विधायक देवेंद्र निम ने ऊधो जी महाराज को पगड़ी पहनाई।कथा का उद्घाटन जितेन्द्र पाल,पूजा पाल ने किया दीप प्रज्वलित सुरेंद्र चौहान ने किया।कथा में श्री राम सेवा ट्रस्ट के संरक्षक चौधरी रमेश पंवार, अध्यक्ष संदीप मित्तल,मनोज शर्मा बॉबी,सुरेंद्र फौजी, विजय शर्मा, विजय आनन्द, पदम सिंह एडवोकेट, हरिओम शर्मा, नीरज शर्मा सागर, सावन मित्तल, गौरव मित्तल आदि का सहयोग रहा।
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