भगवान का श्रृंगार स्वयं सृष्टि का श्रृंगार है-स्वामी कालेंद्रानंद
रिपोर्ट- अमान उल्ला खान
महादेव के सोमनाथ शृंगार अवसर पर स्वामी कालेंद्रानंद जी महाराज ने कहा सोमनाथ महादेव सबसे प्रथम ज्योतिर्लिंग है जहां महादेव ने प्रकट होकर चंद्रमा को प्राण दान दिया और भगवान ज्योतिर्मय में होकर सोमनाथ महादेव के रूप में प्रकट हुई, सोमनाथ महादेव का श्रृंगार करने से जीव को कर्म बंधनों से मुक्ति एवं आषाढी रोगों से शांति मिलती है महाराज श्री ने कहा भगवान का श्रृंगार स्वयं सृष्टि का श्रृंगार है जिसमें जीव को आत्मिक एवं मानसिक शांति प्राप्त होती है उन्होंने कहा समस्त सृष्टि में शिव ही व्याप्त है समस्त सृष्टि शिव के अधीन है शिव को 56 भोग अर्पण करना अर्थात जो परमात्मा महादेव जगत को प्रदान करते हैं उसी में से कुछ भाग जीव के द्वारा शिव को अर्पण करना उसके कर्म बंधनों में कमी करता है शास्त्रोक्त कथन है जीव जितना भोजन करता है उसका केवल 10 वा हिस्सा शरीर में रहता है बाकी सब शरीर से बाहर निकल जाता है अर्थात जीव को अपने मन कर्म वचन श्रम एवं धन का दसवां हिस्सा प्रकृति को अर्पण करना होता है तभी उसका जीवन कल्याणमय एवं सुखमय में होता है इस अवसर पर मेहर चंद जैन राजेंद्र धीमान अश्विनी कंबोज सागर गुप्ता संजय राणा अनिल नारंग रोहित शर्मा भूपेंद्र सिंह रमेश शर्मा अनिल त्यागी रोहित बजाज विकास वर्मा बबीता सुचेता राजबाला शैलेश रेखा तनु कुसुम बबीता कमल आदि रहे

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