ग्लोकल विश्वविद्यालय में किया गया कवि सम्मेलन का आयोजन
रिपोर्ट-अमान उल्ला खान
कार्यक्रम का प्रारंभ दीप प्रज्जवलन से हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत को स्वतंत्रता थाली में परोस कर नहीं मिली है हमारे पूर्वजों ने इसके लिए बड़ी कीमतें चुकाई हैं । अतः आधुनिक पीढ़ी को इसका महत्व समझना चाहिए। उन्हें अपने कर्म और आचरण से भारत के विकास के लिए समर्पित रहना चाहिए। हमारा उद्देश्य पुनः विश्वगुरु बनने का है। विकासशील देश के स्थान पर विकसित देश बनने का है जिस मन्तव्य को आज की युवा पीढ़ी ही लक्षित करेगी। इसके उपरांत कवि सम्मेलन का प्रारंभ डॉ. सरला शर्मा की वाणी वंदना से हुआ। सीए. ए. पी.सिंह, मोहित संगम (सहारनपुर), अंशु छौंकर (आगरा) नें वीर रस में कविताएं पढ़कर सबको रोमांचित कर दिया। डॉ. अखिलेश कुमार मिश्रा ,और डॉ शोभा त्रिपाठी ने भावपूर्ण ग़ज़लें पढ़कर तालियाँ बटोरीं। अंत में डॉ0 सरला शर्मा के ओजपूर्ण काव्य पाठ से समस्त वातावरण मंत्रमुग्ध हो गया। कार्यक्रम का संचालन सुश्री आश्रिता दुबे व कवि सम्मेलन का संचालन डॉ शोभा त्रिपाठी ने किया।अंत में प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार शर्मा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया । इस कार्यक्रम मे प्रतिकुलपति प्रोफेसर डॉ.पंकज कुमार मिश्रा, कुलसचिव प्रोफेसर डॉ. एस.पी. पांडेय, आईक्यूएसी निदेशक प्रोफेसर डॉ संजय कुमार, चीफ प्रॉक्टर ज़मीर -उल -इस्लाम, डी.एस.डब्ल्यू. डॉ. स्वर्णिमा सिंह, डायरेक्टर एडमिन श्री गुरुदयाल सिंह कटियार और सभी विभागों के डीन फैकल्टी और छात्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष सहयोग आई.टी. विभाग का रहा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

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