धम्म देशना कर पाखंड से दूर होकर तथागत बुद्ध के विचारो पर चलने पर जोर दिया
धम्म देशना करते हुए बनारस से पहुंचे भंते विनोबाचार्य ने कहा कि आज देश के अंदर पाखंड व अंधविश्वास के नाम पर लोगो को बहकाकर प्रार्थना के नाम पर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है अगर प्रार्थना से सब ठीक होता है तो फिर एक प्रार्थना देश में समानता की भी करा दीजिए ताकि जाति के नाम पर शोषण बंद हो सके। उन्होंने सभी से तार्किक आधार पर तथागत गौतम बुद्ध के विचारो पर चलने और अंधविश्वास से दूर होने तथा भारतीय संविधान के जनक बाबा साहब डॉ० भीमराव अंबेडकर के पद चिन्हों पर चलने की बात कही। भिक्षुणी धम्मनंदा, बौद्धाचार्य मोदीमल तेगवाल व किशोर पाल ने भी विचार रखे। अध्यक्षता भंते करूणा सागर ने तथा संचालन सुमित बौद्ध ने किया। इस दौरान महात्मा राजकुमार दास कलालटी, स्वराज दास, भीम भरोसे, अविन डोगरा, शुभम डोगरा, संजय मास्टर, बिजनेश, मोनू कुमार, सोरन डोगरा व मांगेराम मौर्य समेत आदि मौजूद रहे।

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