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संकट के दौर में भी घबराकर भगत को अपना संयम और विवेक नही खोना चाहिए-कथा व्यास आचार्य रजनीश महाराज

संकट के दौर में भी घबराकर भगत को अपना संयम और विवेक नही खोना चाहिए-कथा व्यास आचार्य रजनीश महाराज

रिपोर्ट सुहैल खान

गंगोह- श्रीमद् भागवत कथा प्रसंग के दौरान कथा व्यास ने कहा कि संकट के दौर में भी घबराकर भगत को अपना संयम और विवेक नही खोना चाहिए क्योकि भगवान अपने सच्चे भगतों की पग पग पर परीक्षा लेते है, और जिनसे पीछा छुडाना होता है उन्हें धनधान्य व सुख सम्पति देकर अपने से विमुख कर देते है।

बाइपास मार्ग स्थित प्रभा गार्डन में चल रही श्री मद् भागवत कथा प्रसंग के दौरान कथा व्यास आचार्य रजनीश महाराज ने कहा कि कलयुग में भी भगवान अपने भगतों के उसी प्रकार संकट हरते है, जैसे कि नरसिंह भगत का भात भरकर और धन्ना भगत का खिचड खाकर किया था। कथाव्यास आचार्य रजनीश ने कथा प्रसंग के दौरान भगवान की कृपा का बखान करते हुए दक्षिणभारत के भगत भोला की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान रघुवीर ने स्वयं बुढे ब्राहमण का वेश धारण करके अदालत में जाकर अपने गरीब अनपढ भगत के पक्ष में गवाही देकर अपने भगत का मान रखा, उसके विष्वास का आंच न आने दी, और एक दम्भी व्यक्ति का दंभ सबके सामने चकनाचुर करके भगत के चरणों में गिरकर माफी मांगने को मजबूर कर दिया। इस दौरान प्रस्तुत भजनों हरि बिन संकट कौन निवारे-मुझ गरीब की लाज प्रभुजी अब हाथ तिहारे पर और बिन तेरे प्रभु मुझे किसका सहारा, कही छूट न जाये दामन तुम्हारा पर अधिकांश श्रद्धालु नर नारियों की आंखें नम हो गई और कुछ की आंखों से तो टप टप आंसू टपकने लगे। इससे पूर्व व्यास गद्दी पर विराजमान कथा व्यास रजनीश महाराज का मालयापर्ण कर स्वागत किया। 

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