अभ्यारण्य स्थल में ग्लोकल विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना का एक दिवसीय शिविर संपन्न
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-ग्लोकल विश्वविद्यालय में अभ्यारण्य स्थल में राष्ट्रीय सेवा योजना के एक दिवसीय शैक्षिक एवं अनुभवात्मक शिविर का आयोजन किया गया। आयोजन स्थल पर जाने से पूर्व विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना वाटिका के निर्माण का प्रारंभ माननीय अतिरिक्त प्रतिकुलाधिपति सैयद निजामुद्दीन और कुलसचिव प्रोफ़ेसर शिवानी तिवारी के कर कमलों द्वारा पौधा रोपण से किया गया। इसके उपरांत डॉ शोभा त्रिपाठी और जमीरुल इस्लाम ने छात्रों के साथ क्यारी में पौधे लगाए। तत्पश्चात छात्रों ने शिविर स्थल की ओर प्रस्थान किया।इस शिविर का उद्देश्य छात्रों को प्राकृतिक जीवनशैली, औषधीय पौधों के महत्व, जैविक खेती तथा समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।अभ्यारण स्थल के निर्माता श्री राजेश मिश्रा का इसमें विशेष सहयोग रहा।
शिविर में छात्रों को अभ्यारण्य परिसर में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के औषधीय एवं फलदार वृक्षों की जानकारी दी गई। छात्रों ने अर्जुन, इलायची, तेजपत्ता, नींबू, पीच (आड़ू), आम की उन्नत किस्में तथा विविध मसालों के पौधों को नज़दीक से देखा और उनके औषधीय व पोषण संबंधी लाभों के बारे में विस्तार से जाना। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि अर्जुन का प्रयोग हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, वहीं नींबू व मसाले रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते हैं।अभयारण्य की एक विशेषता यह रही कि यहां सम्पूर्ण खेती पूर्णतः जैविक (ऑर्गेनिक) पद्धति से की जाती है। छात्रों को बताया गया कि खेती में गाय के गोबर, गोमूत्र एवं प्राकृतिक खादों का उपयोग किया जाता है तथा गोपालन आधारित कृषि व्यवस्था अपनाई जाती है। इससे न केवल भूमि की उर्वरता बनी रहती है बल्कि पर्यावरण संरक्षण भी सुनिश्चित होता है। छात्रों ने गौ आधारित खेती और गोबर से बनने वाली खाद की फार्मिंग प्रक्रिया को भी प्रत्यक्ष रूप से देखा।कार्यक्रम में विशेष वक्ता डॉ. आतेक ने अपने प्रेरक वक्तव्य में इनर हेल्थ (आंतरिक स्वास्थ्य) और फिजिकल हेल्थ (शारीरिक स्वास्थ्य) के आपसी संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संतुलित आहार, प्राकृतिक जीवनशैली, योग एवं जैविक उत्पादों का सेवन व्यक्ति को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।यह शिविर छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ। इस प्रकार के कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना के मूल उद्देश्य समाज, प्रकृति और मानव कल्याण के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार करते हैं।अंत में डॉ त्रिपाठी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया और जमीरुल इस्लाम ने सभी को स्मृति चिन्ह प्रदान किया। इस कार्यक्रम में सभी स्वयंसेवकों ने अत्यंत उत्साह पूर्वक सहभागिता की।
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