ग्लोकल विश्वविद्यालय में गणतंत्र दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न
रिपोर्ट अमान उल्ला खान
सहारनपुर-ग्लोकल विश्वविद्यालय परिसर में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्लोकल विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रोफेसर शिवानी तिवारी ने ध्वज उत्तोलन कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। ध्वज उत्तोलन के उपरांत राष्ट्रगान के सामूहिक गायन से संपूर्ण वातावरण देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो गया।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें देशभक्ति गीत, नृत्य एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भाव-विभोर कर दिया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों ने भारतीय संविधान के मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त संदेश दिया।इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों मोहम्मद असद को रेसलिंग के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयनित होने पर सम्मानित किया गया है सोहेल खान को क्राइम ब्रांच में इंटर्नशिप के लिए चयनित होने पर, प्रकाश कुशवाहा एवं सलोनी धीमान को राष्ट्रीय सेवा योजना के एकीकरण शिविर में चयनित होने पर सम्मानित किया गया। यह छात्र शैक्षणिक, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के लिए सम्मान पाकर उत्साहित थे। इस अवसर पर कुलसचिव प्रोफेसर शिवानी तिवारी ने कहा कि संविधान ने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। यह दिवस हमें स्वतंत्रता, समानता, न्याय और बंधुत्व जैसे संवैधानिक मूल्यों को आत्मसात करने तथा अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। गणतंत्र दिवस राष्ट्र की एकता, अखंडता और नागरिक चेतना का प्रतीक है।कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावी संचालन मुदस्सिर पटेल द्वारा किया गया, जिन्होंने पूरे आयोजन को सुव्यवस्थित एवं रोचक बनाए रखा। वहीं, कार्यक्रम के अंत में डॉ. शोभा त्रिपाठी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्रों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और गणतंत्र दिवस के महत्व पर सारगर्भित विचार साझा किए।समारोह का समापन राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए देशसेवा के संकल्प के साथ किया गया। यह आयोजन न केवल एक राष्ट्रीय पर्व का उत्सव था, बल्कि छात्रों में संवैधानिक मूल्यों, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम भी बना। इस अवसर पर कुलानुशासक जमीरुल इस्लाम, डॉ आतेका बानो, डॉ संदीप, डॉ कलीम , जोगिंदर रोहेला, अरुण कुमार आदि के साथ सभी फैकल्टी मेंबर , कर्मचारीगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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