मदरसा जामिया दावतुल हक़ मुईनिया के तीन मासूम छात्रों ने हिफ़्ज़ किया क़ुरआन करीम।
प्रबंधक मौलाना शमशीर क़ासमी व क्षेत्रवासियों ने रोशन मुस्तक़बिल की दी दुआएँ
रिपोर्ट डाँ ताहिर मलिक/अमन मलिक
रामपुर मनिहारान-क्षेत्र के प्रसिद्ध मदरसा जामिया दावतुल हक़ मुईनिया के तीन कम उम्र छात्रों ने क़ुरआन करीम हिफ़्ज़ किया है जिस पर मदरसा प्रबंधक हज़रत मौलाना शमशीर क़ासमी और क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें रोशन मुस्तक़बिल की दुआएं दी।
क्षेत्र के गाँव चर्रोह में हज़रत सूफ़ी शमशाद की देखरेख और जमीयत उलेमा ए हिन्द के ज़िला उपाध्यक्ष हज़रत मौलाना शमशीर क़ासमी के प्रबंधन में मदरसा जामिया दावतुल हक़ मुईनिया संचालित किया जाता है जिसमें दीनी तालीम पर ख़ास ज़ोर दिया जाता है।इसी मदरसे के तालिब ए इल्म 9 वर्षीय मुहम्मद अब्दुल्लाह पुत्र अब्दुल रहमान,11 वर्षीय मुहम्मद हसीन पुत्र अब्दुल रहमान व 13 वर्षीय मुहम्मद अबुज़र पुत्र स्वर्गीय मुहम्मद वादिल ने क़ुरआन करीम हिफ़्ज़ किया है।तीन मासूम बच्चों के क़ुरआन करीम हिफ़्ज़ किए जाने पर जहाँ बच्चे बेहद ख़ुश हैं वहीं मदरसे के उस्ताद भी बच्चों पर फ़ख़्र कर रहे हैं।मदरसा प्रबंधक हज़रत मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा कि क़ुरआन अल्लाह की वो किताब है कि जो इससे मुहब्बत करता है इसे पड़ता है तो वो उनके सीनों में महफ़ूज़ हो जाती है।उन्होंने कहा कि क़ुरआन ही ऐसी किताब है जिसे बच्चे भी हिफ़्ज़ (कंठस्थ) कर लेते हैं। क़ुरआन हिफ़्ज़ करने और उस पर अमल करने वाले क़यामत के दिन कई लोगों को जन्नत में ले जाएंगे।मौलाना शमशीर क़ासमी ने कहा कि इन बच्चों की कामयाबी में इनके उस्ताद और वालिदैन की बड़ी कुर्बानी है।ये बच्चे आगे चलकर और ज़्यादा कामयाबी हासिल करें यही हमारी कोशिश रहेगी।
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